नई दिल्ली/लासलगांव। देश में प्याज की बढ़ती खुदरा कीमतों (50 से 65 रुपये प्रति किलो) पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। नासिक के लासलगांव से बफर स्टॉक का 500 टन प्याज लेकर विशेष ट्रेन 'कांदा एक्सप्रेस' दिल्ली के लिए रवाना कर दी गई है। हालांकि, बफर स्टॉक के सड़ने और खरीफ फसल में देरी के कारण आने वाले महीनों में प्याज संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

बफर स्टॉक पर भारी मार, 30% प्याज खराब

केंद्र सरकार ने इस साल 2 लाख टन प्याज खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन एजेंसियां (NAFED और NCCF) केवल 1.20 लाख टन प्याज ही जुटा सकीं। कटाई के दौरान हुई बेमौसम बारिश के कारण प्याज की शेल्फ-लाइफ कम हो गई।

  • खराब हुआ स्टॉक: बफर का करीब 30% प्याज सड़ने और अंकुरित होने से नष्ट हो चुका है, जिसके 40% तक पहुंचने की उम्मीद है।
  • किसानों का स्टॉक खत्म: नासिक के गोदामों में अब कुल क्षमता का महज 25% प्याज बचा है। किसानों ने नुकसान से बचने के लिए जून-जुलाई में ही फसल बेच दी थी।

35 रुपये किलो मिलेगा सरकारी प्याज

दिल्ली में सप्लाई सुधारने के लिए कांदा एक्सप्रेस के अलावा NAFED और NCCF ट्रकों के जरिए भी प्याज भेज रहे हैं। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, दिल्ली में यह प्याज नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स पर 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर बेचा जाएगा। जल्द ही चेन्नई, कोलकाता, गुवाहाटी और मदुरै के लिए भी रेल से प्याज भेजा जाएगा।

खरीफ फसल में देरी से गहराएगा संकट

नासिक में कम बारिश के कारण खरीफ प्याज की रोपाई बेहद सुस्त है। 30,000 हेक्टेयर के औसत रकबे के मुकाबले अब तक सिर्फ 370 हेक्टेयर (महज 1%) में ही रोपाई हो पाई है।

नया खरीफ प्याज अब नवंबर के मध्य या दिसंबर की शुरुआत तक ही बाजार में आ सकेगा। अधिकारियों और व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा पुराना स्टॉक अक्टूबर तक खत्म हो गया, तो त्योहारों के सीजन में प्याज की किल्लत और कीमतें दोनों बेकाबू हो सकती हैं।