रांची।झारखंड में चल रहे राजनीतिक ड्रामे की पोल का पटाक्षेप बड़ी राशि पकड़े जाने के बाद भी होता नहीं दिखाई दे रहा है।कांग्रेस के विधायकों से पकड़ा गया पैसा आखिर किसका था।इस सवाल का सटीक जवाब किसी को नहीं सूझ रहा है।कारण भी स्पष्ट है कि दर्जन भर से अधिक बागी कांग्रेस के विधायक दोनों खेमों के संपर्क में बताए जा रहे थे।पूरे मामले में राजनीतिक दलों की सधी हुई टिप्पणी मामले को सुलझाने की बजाए और उलझा रही है।बड़े नेताओं के ट्वीटर खामोशी के साए में है,फेसबुक मौनव्रत धारण कर लिया है।





भाजपा व झामुमो के लिए तुरुप का पत्ता बागी विधायक





आंकड़ों के नजरिए से देखा जाए तो बागी विधायकों का ये टोला राज्य सरकार को अस्थिर करने और बचाने का दोनों का दमखम रखता है।इस पूरी कहानी को समझना कुछ मुश्किल है, लेकिन झारखंड विधानसभा के मौजूदा संख्या बल को सरकार बनाने के जरूरत के तराजू पर तौलेंगे तो पता चल जाएगा कि बगैर कांग्रेस किसी का काम नहीं चलना है। यह काम दो तिहाई से भी चल जाएगा।साफ है कि बागी विधायक झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी दोनों के लिए तुरुप का पत्ता हैं।





नई सरकार बनाने के लिए समझिए विधानसभा की गणित





झारखंड में तेजी से बदलते हुए राजनीतिक हालातों को देखा जाए तो पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा को 31 विधायकों का समर्थन हासिल हुआ था। राष्ट्रपति चुनाव तक वह झामुमो के सहयोग से ये आंकड़ा 71 तक पहुंच गया। जाहिर है झामुमो काे हटा दें तो इस बीच भाजपा ने 10 विधायक और जोड़े या वो स्वत: जुड़ गए। यह आंकड़ा मैजिक नंबर पर खड़ा दिखाई दे रहा है। वहीं झामुमो भी इन माननीयों को साथ ले तो भी वह मैजिक नंबर के करीब है। एक दो विधायकों की बढ़त किसी भी राजनीतिक दल को कंफर्टेबल जोन में खड़ा करती है। ऐसे हालात में पैसा किसका है ये और बड़ा मुश्किल सवाल बनकर उभरता है। पूरे मामले पर राजनीतिक दलों की सधी हुई प्रक्रिया भी उलझा रही है। पैसे की आवाजाही के रूट को लेकर भी अब तक ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। इसे लेकर जितनी मुंह, उतनी बातें हैं।





इसके पीछे भाजपा, बताए पैसा कहां से आया : राजेश ठाकुर





झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने दावा किया है कि पूरे देश में गैर भाजपा सरकारों को गिराने की साजिश में भाजपा लंबे समय से लगी है और इसके कई उदाहरण अभी तक मिल चुके हैं। ठाकुर ने कहा कि यह घटना दुखद है, निंदनीय है और जिस तरह की बातें सामने आ रही हैं उससे स्पष्ट हो गया कि गैर भाजपा शासित राज्यों में सरकार गिराने का कार्यक्रम जारी है। जनता किसी को चुनकर भेजे,लेकिन सरकार कोई और बना ले। इस पर पूरे देश को सोचना होगा।





राजेश ठाकुर ने कहा कि हम सारी बातों से पार्टी नेतृत्व को अवगत करा रहे हैं और इसमें दोषी कहीं से बचेंगे नहीं। ऐसे में पैसा कहां से आया, यह बात तो विधायक ही बता सकते हैं। सरकार के पास विधायकों की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी।कहीं न कहीं ओसोम केंद्र बना हुआ है, जहां से साजिश रची जा रही है। हम ख्याल रखते हैं कि हमारे विधायक कहां हैं और जिस तरह की साजिश चल रही थी, उसके अनुसार मानसून सत्र में सरकार के गिराने की तैयारी स्पष्ट दिख रही है। यह पूछे जाने पर कि भाजपा सवाल कर रही है कि कांग्रेस अपने विधायकों को समेटकर नहीं रख पाती तो भाजपा पर आरोप लगाती है, राजेश ठाकुर ने पूछा अगर भाजपा नहीं थी तो इतना पैसा कहां से आया।





कांग्रेस बताए कि इतने पैसे कहां से आए : भाजपा





भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा है कि कांग्रेस के विधायकों के पास से पैसे बरामद हुए हैं। ममता बनर्जी के राज्य से इस पैसे की बरामदगी हुई है। कांग्रेस और कांग्रेस के विधायक इस पर स्थिति स्पष्ट करें। उन्हें जनता को बताना चाहिए कि पैसे कहां से आए हैं।





कांग्रेस तीनों विधायकों पर कर सकती है कार्रवाई





झारखंड के तीन कांग्रेसी विधायक भारी मात्रा में पैसे के साथ बंगाल के ग्रामीण हावड़ा जिले में पकड़े गए हैं और इनके खिलाफ कांग्रेस बड़ी कार्रवाई की तैयारी में लग गई है। सूत्रों के अनुसार तीनों को शोकाज करने के बाद पार्टी से सस्पेंड भी किया जा सकता है। मामले में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय ने प्रदेश के नेताओं को आगे बढ़कर बयान देने से मना कर दिया है और कहा है कि पार्टी मुख्यालय से ही इस संदर्भ में बयान जारी किया जाएगा।