पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रांची।बाजार टांड स्थित दुकानों के किराया से जुड़े विवाद के स्थायी समाधान के लिए किराया समाधान योजना प्रस्तावित करने के लिए झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने नगर प्रशासक संदीप सिंह को पत्राचार किया। वर्षों से बनी हुई इस समस्या के समाधान में विलंब होने पर चैंबर भवन में एक बैठक संपन्न हुई,जिसमें कहा गया कि अपर बाजार स्थित बाजार टांड में आवंटित दुकानों में अतिरिक्त संरचना निर्माण के कारण किराया,ब्याज और उसपर फाइन की दर जुड़ते-जुड़ते काफी अधिक हो गई है,जिस कारण यह मामला जटिल हो चुका है।लाइसेंसधारी के निधनोपरांत या परिवार के सदस्य के अलग होने की स्थिति में दुकान के नाम हस्तांतरण के साथ ही दुकानदारों की अन्य कठिनाइयां भी हैं, जिसकी विभागीय समीक्षा आवश्यक है।





चैंबर के कार्यकारिणी सदस्य अमित शर्मा ने कहा कि तत्कालीन समय में नगर निगम द्वारा आय में वृद्धि के उद्देश्य से दुकानदारों को केवल भूमि का आवंटन किया गया था,जिसमें व्यापारियों ने स्वयं के खर्च से संरचना निर्माण किया।निगम द्वारा इस संबंध में निर्गत आदेश के आलोक में दुकानदार निर्माण के अनुरूप निगम को टैक्स का भुगतान भी करते हैं। वर्षाें से बनी हुई इस समस्या के समाधान हेतु हमें नियमित रूप से ऐसे व्यापारियों के सुझाव प्राप्त हो रहे हैं।फेडरेशन के निरंतर प्रयासों के बावजूद रांची नगर निगम द्वारा इस मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है जिससे व्यापारी मानसिक तनाव में हैं।





चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने कहा कि वर्षों से चली आ रही इस विवादित समस्या के स्थायी समाधान हेतु नगर निगम द्वारा किराया समाधान के रूप में लोकप्रिय योजना लाकर दुकानों को रेगुलराइज करने की पहल की जानी चाहिए। निगम के इस प्रयास से बाजार टांड स्थित दुकानदारों की वर्षों से बनी हुई समस्या का समाधान संभव होने के साथ ही रांची नगर निगम को भी राजस्व मद में करोड़ों की प्राप्ति होगी,जिसका उपयोग सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में किया जा सकेगा।





बैठक में चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी,महासचिव आदित्य मल्होत्रा,कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल,सह सचिव नवजोत अलंग,कार्यकारिणी सदस्य अमित शर्मा,शैलेष अग्रवाल,रांची नगर निगम किरायेदार संघ के उपाध्यक्ष शंकर झा और सदस्य अरूण जोशी उपस्थित थे।