प्रतिनिधि,जमशेदपुर।बिस्टुपुर स्थित चेंबर भवन में 21 जनवरी 12 बजे से राज्यसभा के उपसभापति सह वरिष्ठ पत्रकार व लेखक श्री हरिवंश की तीन किताबों पर लेखकीय संवाद होगा। वहीं प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर द्वारा किए गए इस आयोजन में लेखक श्री हरिवंश की तीन नई पुस्तकों के बारे में जमशेदपुर वुमेन्स कॉलेज के कुलसचिव डॉ. अविनाश कुमार सिंह, एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके झा और घाटशिला कॉलेज के प्रोफेसर मित्रेश्वर अग्निमित्र परिचर्चा भी करेंगे।
इस दौरान साहित्यकार सह प्रोफेसर त्रिपुरा झा लेखक श्री हरिवंश की तीनों पुस्तकों पर प्रश्नोत्तरी संवाद भी करेंगे। साथ ही आयोजन में उपस्थित पाठकों से भी लेखक का संवाद होगा। वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इन तीनों पुस्तकों के नाम क्रमश: पथ के प्रकाश पुंज,कलश और सृष्टि का मुकुट: कैलाश मानसरोवर है। तीनों पुस्तकों का संपादन हैदराबाद निवासी प्रसिद्ध पत्रकार अतुल कुमार ने किया है। वहीं पथ के प्रकाश पुंज संस्मरण और रेखाचित्र की मिली जुली किताब है और जिसमें लेखक श्री हरिवंश ने देश-दुनिया के उन नायकों का स्मरण किया है, जिन्होंने देश-दुनिया को राह दिखाकर एक नए रास्ते का निर्माण किया है। जो प्रेरणा के स्रोत रहे। राजनीति, समाजशास्त्र, विज्ञान, पत्रकारिता, शिक्षा इत्यादि क्षेत्रों की ये अनूठी विभूतियां रही हैं। इन्होंने ऐसी यात्रा की जो जीवन का पथ का प्रकाश पुंज बनी। इसी तरह कलश पुस्तक में भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के मनीषियों से हुई बात-मुलाकात का ब्यौरा, साक्षात्कार या उनके बारे में आलेख हैं।
बतौर पत्रकार लेखक श्री हरिवंश ने बीते लगभग 40 वर्षों में आध्यात्मिक विषयों पर जो आलेख और इस विषय पर लिखे, जिन दुर्लभ साधु-संतों और योगियों से बातचीत की है, उनमें से चुनिंदा लेखों के संकलन को को वाणी प्रकाशन द्वारा कलश में प्रकाशित किया गया है। जबकि सृष्टि का मुकुट : कैलाश मानसरोवर लेखक श्री हरिवंश की कैलाश मानसरोवर की यात्रा के अनुभवों का दस्तावेज, यात्रा वृतांत और यात्रा डायरी, तीनों का मिला जुला रूप है। कैलाश मानसरोवर को तीर्थों का तीर्थ भी कहते हैं।उन्होंने कैलाश यात्रा 2011 में की। आज भी यह दुर्गम तीर्थ यात्राओं में मानी जाती है। निजी संस्मरण के साथ ही इस पुस्तक में स्वामी प्रणवानंद, काका साहब कालेलकर, राहुल सांकृत्यायन, बिमल डे, पॉल ब्रंटन, प्रो. कृष्णनाथ, स्वामी राम, डॉक्टर राम मनोहर लोहिया, स्वामी सत्यदेव परिव्राजक, शांतिलाल त्रिवेदी, विद्यानिवास मिश्र, भागवत शरण उपाध्याय, प्रो. शुकदेव सिंह, बल्लभ डोभाल, शेखर पाठक, केटीएस सराओ, रामचंद्र छारिया, गगन गिल, तिमेरी एन. मुरारी, रमेश चन्द्र द्विवेदी, चितरंजन कुमार खेतान, केरी मारान, लामा अंगारिका और वी. शर्मा समेत अन्य विद्वानों के कैलास पर विचार भी हैं। उक्त जानकारी प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के महासचिव श्याम झा व रवि झा ने संयुक्त रूप से दी।





