गढ़वा।झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर बूढ़ा पहाड़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है।पुलिस,केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 172वीं बटालियन और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने अभियान के दूसरे दिन आज बुधवार भी हथियारों का जखीरा बरामद किया है।सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए प्लांट किए गए 51 आईईडी बम सहित 2 हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर वायर, कॉपर वायर, जिलेटिन और बैटरी बरामद हुआ है।





मंगलवार को भी मिले थे 22 आईईडी बम





आपको बताते चलें कि कल मंगलवार को भी सुरक्षाबलों ने बूढ़ा पहाड़ से 22 आईईडी बम बरामद किया था।बीते दो दिनों में बूढ़ा पहाड़ के अलग-अलग हिस्सों से सुरक्षाबलों ने 73 आईईडी बरामद किया है।समय रहते सुरक्षाबलों ने इन्हें बरामद नहीं किया होता तो नक्सली अपने मंसूबे में कामयाब हो गए होते तो कितना बड़ा नुकसान हो सकता था।बीते माह सुरक्षाबलों ने बूढ़ा पहाड़ को नक्सलियों के चंगुल से पूरी तरह से मुक्त करा देने का दावा किया था।





गढ़वा पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त अभियान





कल मंगलवार को अभियान के पहले दिन पुलिस, सीआरपीएफ 172-बटालियन और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने बूढ़ा पहाड़ से 22 आईईडी बम, 7 वायरलेस, 2 वीएचएफ यूजर मैनुअल, 3 हैंड ग्रेनेड, 26 डेटोनेटर तथा 9 आईईडी मैकेनिज्म सहित दैनिक उपभोग की कई सामग्रियां बरामद की थीं।अभी भी सुरक्षाबल के जवान पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं।नेतृत्व कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सली बूढ़ा पहाड़ छोड़कर भाग चुके हैं। पीछे अपना सामान छोड़ गए हैं जो हमने बरामद किया है।





नक्सल गतिविधियों के लिए कुख्यात बूढ़ा पहाड़





झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित बूढ़ा पहाड़ कई दशकों तक नक्सलियों का सुरक्षित गढ़ रहा है। पुलिस का भी मानना है कि वरिष्ठ नक्सली कमांडर यहीं बैठकर सुरक्षाबलों के खिलाफ विध्वंशक रणनीति बनाते थे।ऐसा खौफ था कि पुलिस उस इलाके में जाने से कतराती थी, लेकिन बीते कुछ वर्षों से लगातार सुरक्षाबलों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों के आक्रामक अभियान का परिणाम है कि बूढ़ा पहाड़ लगभग नक्सलियों के चंगुल से मुक्त हो चुका है।हाल में डीजीपी नीरज सिन्हा ने यहां का दौरा किया था।