वाराणसी।बैकुंठ चतुर्दशी स्नान के लिए आध्यात्मिक नगरी काशी में सोमवार को घाटों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा ।गंगा स्नान के साथ देव दीपावली पर दीया जलाने का संकल्प लिया।विधिविधान से पूजन-अर्चन और गरीबों को दान देकर पुण्य कमाया।
इस बार बैकुंठ चतुर्दशी सोमवार के दिन है।वहीं पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण होने से एक दिन पहले ही देव दीपावली मनाई जा रही। इसे अद्भुत संयोग माना जा रहा।ऐसे में स्नान-दान के लिए घाटों पर लोगों का रेला उमड़ पड़ा है। श्रद्धालुओं ने घाटों पर पहुंचकर गंगा स्नान और दान-पुण्य किया। गंगोत्री सेवा समिति के पुरोहित सदस्य अजय कुमार तिवारी ने बताया कि बैकुंठ चतुर्दशी का स्नान है। काशी में इसका विशेष महत्व है। आज के दिन भगवान शंकर को तुलसी चढ़ती है। माताएं-बहनें भोलेनाथ को तुलसी चढ़ाती हैं।
अजय कुमार तिवारी ने कहा कि ऐसी मान्यता है कि आज के दिन गंगा किनारे सवा लाख दीपक जलाने से परिवार के वंश फल की बढ़ोत्तरी होती है और मां रोग-दुख से दूर रखती है। उन्होंने बताया कि देव दीपावली व गंगा आरती की वजह से घाटों पर भीड़ ज्यादा है, लेकिन चंद्र ग्रहण का स्नान पूर्णिमा के दिन ही होगा।





