रांची। झारखंड में सत्तासीन झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के घर और विभिन्न ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी पर सवाल उठाया है। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने पांच करोड़ रुपए बरामद होने की बात कही,लेकिन प्रकाशित खबरों के अनुसार सवा तीन करोड़ बरामद हुए।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया कि ये रूपए भारतीय जनता पार्टी के किशनगंज से एमएलसी दिलीप जयसवाल के समधी व्यवसायी हीरा भगत के पास से हुई है।उन्होंने भाजपा से सवाल करते हुए है कहा कि दिलीप जायसवाल भाजपा के एमएलसी हैं या नहीं।हीरा भगत भाजपा के कार्यकर्ता हैं या नहीं।उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम खूब उछाला गया है।पंकज मिश्रा को हिरासत में लिया गया और वह गिरफ्तार किए गए,लेकिन भाजपा नेताओं के बारे में कहीं जिक्र ही नहीं हुआ।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पंकज मिश्रा उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग में अपना आयुर्वेदिक उपचार कराने गए थे।उन्होंने कहा कि देश में केवल रांची में ही ईडी का कार्यालय सक्रिय है। भाजपा ईडी का दुरुपयोग गैर भाजपा शासित राज्यों की सरकारों को अस्थिर करने में कर रही है।वह झारखंड की निर्वाचित सरकार को नेस्तनाबूद करने का षडयंत्र रच रही है। ईडी का अर्थ एंड ऑफ डेमोक्रेसी प्रतीत हो रहा है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ईडी की जांच पर कोई आपत्ति नहीं है,लेकिन जिस तरह से मुख्यमंत्री से जोड़ा जा रहा है वह आपत्तिजनक है।यह राज्य को बदनाम करने और विकास को बाधित करने का स्वांग है।उन्होंने महाराष्ट्र में ईडी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिवसेना के जिन 21 विधायकों को ईडी ने समन किया उनसे गुवाहाटी में पूछताछ क्यों नहीं हुई।ये सारे विधायक एकनाथ शिंदे के साथ हो गए।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ईडी ने रेलवे से पिछले तीन साल के चालान का ब्योरा मांगा है।इसे राज्य गठन के बाद से मांगना चाहिए।खनिज की रेलवे से ढुलाई का झारखंड सरकार के पास हिसाब नहीं होता। ईडी के माध्यम से हिसाब मिले तो सरकार को पता चलेगा कि कितना खनिज झारखंड से ले जाया जा रहा है और बदले में झारखंड को क्या मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि साहिबगंज में इसकी जांच होनी चाहिए कि कितनों को स्टोन माइनिंग का लीज आवंटित हुआ और कितनों के नाम क्रेशर का लाइसेंस दिया गया। ये लोग कौन हैं और उनका किनसे नाता है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजापा आदिवासी, मूलवासी मुख्यमंत्री को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।अर्जुन मुंडा की सरकार में हुए मनरेगा घोटाले को रघुवर सरकार में क्लीनचिट दे दी गई और अब आरोपी को पकड़ कर हेमंत सरकार को बदनाम किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि झारखंड, ओड़िशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल से देश को 75 प्रतिशत से अधिक कोयला मिल रहा है। इन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है। इस लिए भाजपा में छटपटाहट हो रही है। इन सरकारों को केंद्रीय एजेंसियों की मदद से अस्थिर करने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। भाजपा जहां जीतती है वहां सरकार बनाती है और जहां नहीं जीत पाती वहां जरूर सरकार बनाती है।





