लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार एतिहासिक जीत के बाद सरकार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।दिल्ली में कार्यवाहक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सोमवार को देर शाम लखनऊ वापस लौट आए हैं।भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने उत्तर प्रदेश में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भाजपा के शाह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सह पर्यवेक्षक के रूप में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की नियुक्ति की है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योगी आदित्यनाथ सरकार के गठन के दिशा-निर्देश के लिए दो दिन से दिल्ली में थे।सोमवार को वो लखनऊ वापस लौटे तो विधायक दल के नेता के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने यूपी,उत्तराखंड,मणिपुर और गोवा में विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय व सह-पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी।इससे अचानक राजधानी लखनऊ का राजनीतिक पारा चढ़ गया है।

यूपी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाने की कवायद चल रही है।सरकार में मुख्यमंत्री के साथ कितने उपमुख्यमंत्री सीएम होंगे,कितने कैबिनेट मंत्री होंगे,कितने राज्य मंत्री होंगे,इसको लेकर भी चर्चा हो रही है,लेकिन इससे पहले विधायक दल का नेता चुना जाना जरूरी है।इसके बाद ही सरकार में नंबर दो और तीन की कुर्सी तय होगी। मंत्री कौन-कौन बनेगा, इसकी भी तैयारी हो रही है।कई मंत्रियों के चुनाव हारने से नए-पुराने विधायक भी अपनी-अपनी दावेदारी को लेकर बड़ों के चक्कर लगा रहे हैं।

भाजपा कार्यकर्ताओं यह मानकर चल रहे हैं कि जो मंत्री चुनाव हारे हैं, उनको इस बार सरकार में स्थान नहीं मिलना चाहिए। नए लोगों को मौका दिया जाना चाहिए। इन नए लोगों में कई नाम भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं।यहां तक कि कितने मंत्री होंगे, इसकी संख्या भी सोशल मीडिया पर तय कर दी गई है, हालांकि भाजपा नेतृत्व की कार्यशैली के जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया की कयासबाजी कभी भी सही नहीं निकली है।