बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने भारत के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास आधुनिक तकनीक से लैस एक नया ट्रेनिंग स्कूल शुरू किया है। सिलहट स्थित BGB मुख्यालय में 'शिमंतो स्कूल ऑफ सर्विलांस एंड ड्रोन वॉरफेयर' का उद्घाटन बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद द्वारा किया गया। यह कदम भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी प्रणाली को हाई-टेक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
स्थान और रणनीतिक महत्व:
- लोकेशन: यह स्कूल सिलहट में स्थित है, जो भारत-बांग्लादेश सीमा से लगभग 55 किलोमीटर और मेघालय की राजधानी शिलांग से करीब 115 किलोमीटर दक्षिण में है।
- भौगोलिक चुनौती का समाधान: घने जंगलों, पहाड़ी रास्तों और नदी वाले सीमावर्ती इलाकों (जहाँ बाड़ लगाना मुश्किल है) में यह तकनीक ज़मीनी गश्त की कमियों को पूरा करेगी।
प्रमुख विशेषताएं और उद्देश्य:
- 24x7 निगरानी: नाइट-विज़न और थर्मल इमेजिंग तकनीक से लैस ड्रोन दिन और रात, दोनों समय सीमा पर पैनी नज़र रख सकेंगे।
- अवैध गतिविधियों पर रोक: इसका मुख्य उद्देश्य तस्करी, नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के कारोबार और अवैध हथियारों की आवाजाही को नियंत्रित करना है।
- भविष्य की योजनाएं: अगले एक से दो वर्षों में दुनिया की अन्य आधुनिक ड्रोन प्रौद्योगिकियों को भी इस ट्रेनिंग स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
BGB और भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा: बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा बल (BGB) भारत के साथ जुड़ी 4,096.7 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की रखवाली करता है। भारत ने लगभग 3,200 किलोमीटर से अधिक हिस्से पर बाड़ लगा दी है, लेकिन लगभग 860 किलोमीटर का हिस्सा (जिसमें 170 किमी नदी क्षेत्र शामिल है) अभी भी खुला हुआ है।
ऐसे खुले और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों से होने वाली अवैध आवाजाही और तस्करी से निपटने के लिए बांग्लादेश का यह ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल एक बेहद अहम सुरक्षा पहल माना जा रहा है।





