भीषण ठंड में भूखे-प्यासे छात्र-छात्राएं हो रहे बीमार, झारखंड के पांच छात्र लौटे वापस
भीषण ठंड में भूखे-प्यासे छात्र-छात्राएं हो रहे बीमार, झारखंड के पांच और छात्र लौटे वापस <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

रांची।भारत से यूक्रेन भेजा गया सेवा विमान से झारखंड के पांच छात्र राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर पहुंचने वालों में बोकारो के राजेंद्र नगर अंकित कुमार,रांची की तृश्रा राणा,प्रिय प्रियंका,फातिमा हाफीजा और रामगढ़ की तेजस्विनी अमन शामिल हैं।यूक्रेन के विनेथिशिया शहर में प्रथम वर्ष में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे अमन ने बताया कि वहां की हालत बहुत खराब है।अभी भी हजारों भारतीय छात्र विनेथिशिया शहर में फंसे हुए हैं और वहां भारतीय दूतावास से कोई मदद नहीं मिल रही है।सरकार मदद करे,ज्यादा देर हुई तो सभी छात्र भारी मुसीबत में और घिर जाएंगे।
छात्रों के साथ की मारपीट, हवाई फायरिंग भी
अंकित ने बताया कि यूक्रेन बॉर्डर पार करने के लिए बॉर्डर में काफी भीड़ हो गई है।सभी बॉर्डर पार जाने के लिए काफी मशक्कत कर रहे हैं और उतावले हैं।भीड़ या छात्रों ने बार्डर के बैरीकेटिंग को धक्का दे दिया।इसके बाद कुछ छात्रों से यूक्रेन सुरक्षा बलों ने मारपीट की। यहां तक कि हवा में फायरिंग कर छात्रों को पीछे हटने के लिए दबाव बनाया। छात्र-छात्राओं ने बताया कि हमलोग शहर से 25 फरवरी को यूक्रेन बॉर्डर के लिए निकले थे।रात तीन बजे यूक्रेन बॉर्डर पहुंचे और वहां काफी ठंड थी।जब पहुंचे तो देखा कि वहां पहले से ही हजारों छात्र थे।
भीषण ठंड में हो रहे बीमार
यूक्रेन में भारतीय सहित झारखंड के छात्र वहां के नागरिकों की ओर से उपलब्ध कराए गए बंकरों या आश्रयों में रह रहे हैं।यूक्रेन से निकलकर भारतीय छात्र पोलैंड, रोमानिया और हंगरी सीमा पहुंच रहे हैं। छात्रों ने आरोप लगाया है कि पोलैंड की सीमाओं पर गार्डों ने उन्हें परेशान किया, पीटा और सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी है। भोजन की उपलब्धता सीमित होने के कारण छात्र खाली पेट दिन बिता रहे हैं। कुछ छात्र सर्दी में भूखे और प्यासे रहने के कारण बीमार पड़ गए हैं। भारतीय लोगों और छात्रों को ट्रेन या किसी अन्य साधन की मदद से तुरंत कीव छोड़ने की सलाह दी गई है, लेकिन इनके सामने परिवहन का साधन नहीं होना बड़ी चुनौती है। दूसरी तरफ राज्य और केंद्र सरकार के प्रयास से यूक्रेन में फंसे 17 लोग देर शाम झारखंड पहुंच गए। इनमें से एक व्यक्ति दिल्ली में रुक गया है।
मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से संचालित कंट्रोल रूम से यूक्रेन में फंसे हुए झारखंड के लोगों से लगातार संपर्क कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है।केंद्र सरकार से लोगों को वापस लाने के लिए भी जानकारी साझा की जा रही है। कंट्रोल रूम में अभी तक आए 233 फोन कॉल्स के माध्यम से लगभग 181 लोगों की जानकारी मिली है और इनमें 67 महिला और 114 पुरुष हैं। छात्रों और लोगों ने अपनी आपबीती श्रम विभाग की ओर से फिया फाउंडेशन द्वारा संचालित कंट्रोल रूम से संपर्क कर बयां की है।
फिया फाउंडेशन के राज्य समन्वयक जॉनसन टोपनो ने बताया कि कंट्रोल रूम में यूक्रेन में फंसे झारखंड के छात्रों, लोगों और उनके माता - पिता के अलावा रिश्तेदारों के लगातार कॉल आ रहे हैं। यह हालत मंगलवार को भी जस की तस बनी हुई है।रूस के हमले से यूक्रेन में रहने वाले लोग एक दर्दनाक स्थिति में फंस गये हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव सहित प्रमुख शहरों में बड़े हमले हो रहे हैं।
यूक्रेन की हालत पर विश्वभर के लोग युद्ध की वजह से प्रभावित हो रहे हैं। झारखंड सहित कई भारतीय नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए हैं। इनमें अधिकतर मेडिकल के छात्र हैं।यूक्रेन से पिछले चारों दिनों के दौरान 67 महिलाओं और 114 पुरुषों ने फंसे होने की सूचना झारखंड सरकार को दी है। इस प्रकार अब तक कुल 181 लोगों के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी मिली है।
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