मंत्रोच्चारण और गंगा आरती के साथ काशी के लोगों ने किया 2022 का स्वागत
मंत्रोच्चारण और गंगा आरती के साथ काशी के लोगों ने किया 2022 का स्वागत <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 अन्य, उत्तर प्रदेश

वाराणसी।कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे और पाबंदियों के बीच लोगों ने नववर्ष 2022 का स्वागत किया।जगह-जगह आतिशबाजी हुई तो कही जश्न का माहौल रहा। बाबा भोलेनाथ की नगरी काशी में नववर्ष का स्वागत मंत्रोच्चारण और सुबह अस्सी घाट पर मां गंगा की आरती के साथ पारंपरिक रूप में किया गया। रात्रि कर्फ्यू के कारण रात के आयोजनों को समिति कर दिया गया था।
31 दिसंबर को भी लोगों ने यादगार बनाने के लिए तैयारियां की थी। शहर में संस्थाओं की तरफ से विदा हो रहे साल को अलविदा कहने और नववर्ष के स्वागत के लिए कई सारे आयोजन किए गए। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में नए साल पर दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही।देश भर के कई राज्यों के श्रद्धालु गंगा आरती देखने और भगवान शिव शंकर के दर्शन करने के लिए आध्यात्मिक नगरी काशी पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 दिसंबर और एक जनवरी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने झांकी दर्शन के इंतजाम किया गया था। संकटमोचन, दुर्गाकुंड, बीएचयू विश्वनाथ, शूलटंकेश्वर महादेव समेत अधिकांश मंदिरों में दर्शन-पूजन के इंतजाम किए गए हैं। नववर्ष का स्वागत अस्सी घाट पर मां गंगा की विशेष आरती के साथ किया गया। इस दौरान हर कोई बीते साल की विदाई और नववर्ष के आगाज को यादगार बनाने के लिए नजर आया।कोई डीजे की धुन पर थिरकते हुए नववर्ष में कदम रखने के बेताब था तो कोई गीत-गजलों की महफिल का हिस्सा बनने के लिए आतुर था। नववर्ष का स्वागत करने के लिए गंगा पार रेती पर भी तैयारियां की गई हैं।अस्सी घाट से लेकर दशाश्वमेध घाट के बीच ऊंट और घोड़े की सवारी के साथ ही लोग व्यंजनों का लुत्फ उठाते हुए देखे गए। रथयात्रा स्थित स्वास्तिक सेवाश्रम में साल 2021 की खट्टी-मिठी यादों संग नववर्ष का जश्न मनाया गया।
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