आगरा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक चामुंडा देवी मंदिर का मामला पहुंचने के बाद ताज नगरी आगरा के राजा की मंडी रेलवे स्टेशन परिसर में चामुंडा देवी मंदिर मामले का बीच का रास्ता निकालने का प्रयास शुरू हो गया है।दोनों पक्षों में आपसी सहमति के प्रयास किए जा रहे हैं।सहमति न बनने तक रेलवे प्रशासन अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं करेगा।मगर हिंदूवादी संगठन का रेलवे के फैसले के खिलाफ विरोध जारी है। अब चामुंडा देवी मंदिर के समर्थन में मुस्लिम समुदाय के लोग भी खुलकर सामने आ गए हैं।
शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की नेता शबाना खंडेलवाल के साथ मुस्लिम समुदाय के कई लोग भारी तादाद में चामुंडा देवी मंदिर पहुंचकर मंदिर के महंत से बात की।मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना कि वो किसी भी हाल में रेलवे स्टेशन से चामुंडा देवी मंदिर को हटने नहीं देंगे।रेलवे के फैसले के विरोध में कैंट स्टेशन पर डीआरएम कार्यालय में विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया।
आपको बता दें कि ताज नगरी आगरा के राजा की मंडी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर चामुंडा देवी मंदिर के 72 वर्ग मीटर अवैध निर्माण को लेकर रेलवे प्रशासन ने मंदिर को स्थान परिवर्तन के लिए 12 अप्रैल को नोटिस दिया था।मंगलवार को डीआरएम आनंद स्वरूप ने मंदिर न हटने पर राजा की मंडी स्टेशन को यात्रियों के लिए बंद करने का पत्र ट्विटर पर जारी किया।ये पत्र सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को भी भेजा गया।बुधवार को शासन के निर्देश पर डीएम, एसएसपी, एडीएम सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौका-मुआयना करने के लिए स्टेशन पहुंचे।पैमाइश,फोटोग्राफी और नक्शा नजरी के साथ मामले की गोपनीय रिपोर्ट डीएम ने शासन को भेज दी है।
डीएम प्रभु एन सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से कोई रास्ता निकाला जाएगा। दोनों पक्षों से बातचीत के बाद आगे का निर्णय होगा। इस बीच रेलवे मंदिर के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं करेगा। प्रकरण का समाधान आपसी बातचीत से होगा। 26 अप्रैल को आगरा रेल मंडल के डीआरएम ने स्टेशन परिसर में हुए मंदिर के अवैध निर्माण को लेकर रेल यातायात में बाधा आने की बात कहते हुए इसे रेल सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक बताया था।इसके बाद मामला गरमा गया। हिंदूवादी संगठन लगातार रेलवे का विरोध कर रहे हैं।
रेलवे स्टेशन से मंदिर को हटाए जाने के नोटिस के विरोध में गुरुवार को हिंदू कल्याण महासभा, हिंदू जागरण मंच, राष्ट्रीय हिंदू परिषद और मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों ने राजामंडी रेलवे स्टेशन पर विरोध-प्रदर्शन किया। डीआरएम के खिलाफ जमकर नारे लगाए।रेलवे प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोग भी हिन्दू वादी संगठन के समर्थन में आ गए। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि वो रेलवे के फैसले का विरोध करते हैं। अगर रेलवे से मंदिर से किसी भी तरह की छेड़छाड़ की तो वो लोग उसका विरोध करेंगे। स्टेशन से मंदिर को नहीं हटने देंगे।
शुक्रवार को हिंदूवादी संगठनों ने डीआरएम कार्यालय का घेराव किया और वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद डीआरएम को ज्ञापन दिया। हिंदूवादी संगठनों के लोगों का कहना है कि किसी भी हाल में मंदिर को हटने नहीं देंगे।अगर रेलवे प्रशासन चाहे तो राजा की मंडी स्टेशन को बिल्लोचपुरा शिफ्ट कर सकता है। इस दौरान विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर, प्रांत संयोजक राकेश त्यागी, प्रांत सह संयोजक दिग्विजय नाथ तिवारी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आगरा रेल मंडल के डीआरएम आनंद स्वरूप का कहना है कि राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर बने मंदिर के एक हिस्से को लेकर हम यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते। हम सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सम्मानजनक समाधान चाहते हैं। सभी लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद है कि हमें जल्द ही इसका सुखद समाधान होगा।





