नई दिल्ली/जामनगर: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे का एक बेहद अहम और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। अपनी यात्रा के दौरान वे एक ऐसे शहर पहुंचे हैं, जिसकी शायद ही किसी ने उम्मीद की होगी—पश्चिमी भारत का एक छोटा तटीय शहर जामनगर, जहां दुनिया का सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स मौजूद है। गुजरात के जामनगर में अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का यह विशाल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स स्थित है।
रुबियो का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका रूस से ऊर्जा आयात कम करने के लिए भारत पर जोर दे रहा है और साथ ही वेनेजुएला के कच्चे तेल (क्रूड) के लिए नए वैश्विक बाजारों की तलाश में जुटा है। यह दौरा वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच रणनीतिक संबंधों में ऊर्जा निवेश के बढ़ते महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
तेल और ऊर्जा सुरक्षा है सबसे अहम एजेंडा
मंगलवार को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे रिलायंस के साथ वेनेजुएला के कच्चे तेल की प्रोसेसिंग बढ़ाने पर गहराई से चर्चा करेंगे। भारत को "रिफाइनिंग सुपरपावर" बताते हुए उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे वेनेजुएला में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ेगा, भारत वैश्विक तेल आपूर्ति को बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभा सकता है।
- भारी कच्चे तेल की रिफाइनिंग क्षमता: रुबियो ने कहा कि भारत के पास भारी क्रूड (हेवी क्रूड) को रिफाइन करने की असाधारण क्षमता है। उन्होंने पहले भी ऐसा किया है और वेनेजुएला से जैसे-जैसे और अधिक तेल आएगा, वे ऐसा बिल्कुल कर सकते हैं।
- रूस पर निर्भरता कम करने का विकल्प: यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वाशिंगटन चाहता है कि भारत रूस से होने वाले ऊर्जा आयात को कम करे और अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाए।
दुनिया के लिए 'संकटमोचक' बन सकती है जामनगर रिफाइनरी
रुबियो ने कहा कि जामनगर का यह दौरा यह समझने का एक शानदार अवसर है कि कैसे बड़े पैमाने पर रिफाइनिंग क्षमता उन देशों की मदद कर सकती है जो अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ईरान और यमन से जुड़े संघर्षों तथा होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर मंडराते खतरों के कारण यह चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं।
- रणनीतिक महत्व: रुबियो ने रेखांकित किया कि ऊर्जा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से है; ऊर्जा की कमी से बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएं ढह सकती हैं। इसलिए, दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाली कंपनी से इस बारे में चर्चा करना पूरी तरह तर्कसंगत है।
- क्षमता: रिलायंस के अनुसार, जामनगर रिफाइनरी में प्रतिदिन लगभग 1.4 मिलियन बैरल कच्चा तेल प्रोसेस करने की क्षमता है। यह रिफाइनरी गैसोलीन, डीजल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद (जैसे प्लास्टिक और सिंथेटिक फाइबर) तैयार करती है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में यह रिफाइनरी वैश्विक बाजार के लिए एक बड़ा संबल साबित हो सकती है।
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मुकेश अंबानी और रिलायंस का बढ़ता वैश्विक प्रभाव
अमेरिकी विदेश मंत्री का यह दौरा रिलायंस इंडस्ट्रीज और देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी के वैश्विक रसूख को भी रेखांकित करता है। रुबियो जामनगर में मुकेश अंबानी से मुलाकात कर रहे हैं।
- रिलायंस अमेरिका में घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के अमेरिकी प्रशासन के प्रयासों में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। इसी साल मार्च में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास के ब्राउनस्विले में 300 अरब डॉलर की एक रिफाइनरी परियोजना की घोषणा की थी, जिसे रिलायंस इंडस्ट्रीज का मजबूत समर्थन प्राप्त है।
- जामनगर रिफाइनरी कंपनी के ऊर्जा कारोबार का मुख्य केंद्र (क्राउन ज्वेल) है। ऊर्जा के अलावा यह शहर मार्च 2024 में अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के भव्य प्री-वेडिंग समारोह जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के कारण भी वैश्विक मानचित्र पर सुर्खियों में छाया रहा है, जिसने इस औद्योगिक शहर को रिलायंस की ताकत के एक ग्लोबल शोकेस में बदल दिया है।
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