पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,रामगढ़।कोयलांचल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में मासिक गीत और वंदे मातरम प्रतियोगिता का आयोजन किया हुआ।विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की गायन प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ावा देना था।





कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद के स्वागत भाषण से हुई,जिसमें उन्होंने संगीत के महत्व और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने कक्षा सह अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस प्रतियोगिता को तीन वर्गो में बांटा गया गया था,शिशु वर्ग,बाल वर्ग और किशोर वर्ग।मासिक गीत और वंदे मातरम प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सामूहिक गायन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने वंदे मातरम और विभिन्न मासिक गीत प्रस्तुत किए।





प्रतियोगिता का मूल्यांकन निर्णायक मंडली द्वारा किया गया, जिसमें शिशु वर्ग में विदेश सिंह,पूनम सिंह और अमृता चौधरी।बाल वर्ग और किशोर वर्ग में गायत्री कुमारी,रेखा कुमारी और ज्योति राजहंस शामिल थे। उन्होंने विद्यार्थियों के गायन कौशल, तालमेल और प्रस्तुति की तकनीक के आधार पर अंक दिए।





प्रतियोगिता में शिशु वर्ग में प्रथम-पंचम अ,द्वितीय- चतुर्थ ब और तृतीय- चतुर्थ अ,बाल वर्ग में प्रथम-अष्टम अ, द्वितीय-सप्तम अ और तृतीय- अष्ठम ब और किशोर वर्ग में प्रथम-नवम अ, द्वितीय-नवम ब और तृतीय दशम अ कक्षा को घोषित किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के आचार्य मिथिलेश कुमार खन्ना,अमरदीप नाथ शाहदेव,इंद्रजीत सिंह,सेखर कुमार,गायत्री पाठक,ममता कुमारी,श्वेता पांडा, शशि कान्त,दिलीप सिंह आदि की प्रमुख भूमिका रही।