लखनऊ।गोरखनाथ मंदिर में पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाला मुर्तजा अहमद अब्बासी ने बताया है कि वह सीरिया के अलावा, कनाडा और अमेरिका भी पैसे भेजता था।
मुर्तजा के खिलाफ जांच एजेंसियों को कई सबूत मिले हैं। मुर्तजा अपने गुनाहों को कबूल भी कर रहा है।मुतर्जा के गुनाह कबूल करने से एजेंसियों को फायदा हो रहा है। वहीं उसकी बैंक डिटेल से भी कई खुलासे हुए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार मुर्तजा अहमद अब्बासी ने आईसीआईसीआई,आईडीएफसी,फर्स्ट बैंक और फेडरल बैंक में खाता खुलवाया था। मुतर्जा पे पाल ऐप के माध्यम से पैसे विदेश भेजता था।बताया तो यह भी जा रहा है कि मुतर्जा पिछले कुछ महीने में इस्लामिक संस्थाओं को हजारों रुपये ट्रांसफर किए थे।इन संस्थाओं को 700 , 16 हजार 594, 16 हजार 622, 22 हजार, 22 हजार 907 रुप‌ए भेजे थे।जांच में एक शख्स शमीउल्लाह का भी नाम सामने आया है।मुर्तजा अब्बासी इसके खाते में लगातार पैसे भेज रहा था।मुर्तजा ने बताया कि वह सीरिया ही नहीं, कनाडा और अमेरिका भी पैसे भेजता था।इस पैसे का आतंकी गतिविधियों से क्या कनेक्शन है, इसकी भी जांच की जा रही है।

इस खुलासे के बाद मुर्तजा के बैंक खाते को और उसके मोबाइल और आधार डिटेल को ब्लॉक कर दिया गया है। जांच यह मानकर हो रही है कि मुर्तजा को रेडिक्लाइज किया गया था। मुर्तजा से हमले को लेकर जब पूछा गया तो उसने कहा कि मुसलमानों के साथ गलत हो रहा है। इसे लेकर मैं नेपाल में भी नहीं सो पाया था।मैंने सोचा कि बहुत हुआ,अब कर ही देता हूं।

हनीट्रैफ का एंगल आया सामने

मामले में हनीट्रैफ का एंगल भी सामने आ रहा है।मुर्तजा ने बताया कि उसके पास आईएसआईएस के कैंप में फंसी लड़की के नाम पर मेल आया था।इस पर उसने लड़की की मदद के लिए कुछ रुपए भेजे थे।लड़की ने उससे मिलने का वादा भी किया था। माना जा रहा है कि यहीं से उसका आईएसआईएस की तरफ झुकाव हुआ।