रांची।आर्थिक संकट से जूझ रहे हैवी इंजीनियरिंग कार्पोरेशन लिमिटेड रांची पर रक्षा मंत्रालय इसरो व दूसरे रणनीतिक सेक्टर का भरोसा बढ़ रहा है। हाल ही में इसरो के लिए कई उपकरण बनाने के बाद अब एचईसी तोप का बैरल बनाने वाली मशीन तैयार करेगा। देश के रक्षा उपकरणों का निर्माण करने वाली कंपनी एमएसएफ इच्छापुर से एचईसी को इसका कार्यादेश मिला है। इसे एचईसी मात्र साढ़े छह करोड़ में बनाएगा।

एचईसी के अधिकारियों के मुताबिक ये मशीन कंप्यूटराइज्ड होगी। इसका निर्माण मेक इन इंडिया की तर्ज पर होगा। रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए ऐसी मशीनें अभी विदेशों से मंगाई जाती थी।

आयुध फैक्ट्री कानपुर को भी मशीन की आपूर्ति

एचईसी ने आयुध फैक्ट्री कानपुर के लिए भी ऐसी मशीन की आपूर्ति चार साल पहले की है। बोफोर्स तोप के बैरल के लिए मशीन बनाकर आपूर्ति की गयी थी। ये मशीन काफी सफल रही है। इसके बाद दोबारा इच्छापुर से कार्यादेश मिला है।

एचईसी का रक्षा क्षेत्र में अबतक का योगदान

आईएनएस राणा के लिए गियर सिस्टम का निर्माण

युद्धपोत के लिए आरमर प्लेट का निर्माण

आधुनिक रडार का किया गया निर्माण

परमाणु पनडुब्बी के महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण

इंडियन माउंटेन गन एमके 2 की असेंबलिंग

आपको बता दें कि हैवी इंजीनियरिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, इस्पात, खनन, रेलवे, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, परमाणु और सामरिक क्षेत्रों के लिए भारत में पूंजीगत उपकरणों के लिए अग्रणी आपूर्तिकर्ताओं में से एक है।

सुविधाओं के सहज एकीकरण के कारण एचईसी सबसे बड़ा एकीकृत इंजीनियरिंग कॉम्प्लेक्स में से एक है। 2100,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला एचईसी की सुविधाओं की शुरुआत स्टील मेल्टिंग, कास्टिंग, फोर्जिंग, फैब्रिकेशन, मशीनिंग, असेम्बली एण्ड टेस्टिंग से होती है। ग्राहकों के विनिर्देशों के अनुसार उत्पाद डिलीवरी करने के लिए एचईसी का अपना अनुसंधान और उत्पाद विकास विंग उत्पादों है।

एचईसी का मुख्यालय रांची में है, जो झारखण्ड की राजधानी है और भारत के पूर्वी भाग में स्थित है तथा यहीं पर उत्पादन सुविधाएं भी यहीं पर हैं। ग्राहक साइटों के समीप एक अच्छी तरह से अनुकूल स्थान और आयात मदों के लिए बंदरगाहों से निकटता इसकी लागत प्रभावशीलता के लिए अतिरिक्त लाभदायक है।

आरम्भिक रूप से स्वदेश में इस्पात संयंत्र उपकरणों के निर्माण की सुविधा के लिए स्थापित एचईसी ने सेटिंग अप, विस्तार और भारत में इस्पात संयंत्रों के आधुनिकीकरण में भारी योगदान दिया है। समय के साथ एचईसी ने अपना दायरा विभिन्न क्षेत्रों में फैलाया तथा निर्माण और आयात-स्थानापन्न उत्पादों की आपूर्ति की दिशा में सराहनीय योगदान दिया। भारी इंजीनियरिंग उपकरण और सेवाओं के लिए देश को आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी के साथ एचईसी राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में योगदान करने के लिए सतत प्रयासरत है।