रांची।झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री और भाजपा के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष रघुवर दास आज सोमवार एक बार फिर एक बड़ा धमाका करने वाले हैं।माना जा रहा है कि मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन पर खदान लीज लेने के दस्तावेजी सबूतों के साथ संगीन आरोप लगाने के बाद फिर से उन पर कुछ नया खुलासा करने वाले हैं।संभावना है कि इस बार रघुवर दास सीएम को लेकर एक और सनसनीखेज मामला मीडिया के सामने लेकर आएंगे।रघुवर दास ने भाजपा प्रदेश मुख्‍यालय में दोपहर 12:30 बजे प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है।रघुवर दास के नए पैंतरे को लेकर सियासी गलियारे में अटकलों का बाजार गर्म है।





इससे पहले रघुवर दास ने सीएम हेमंत सोरेन द्वारा माइनिंग लीज लेने की शिकायत राज्यपाल रमेश बैस से की थी और साथ ही ऑफिस ऑफ प्रॉफिट करने और जन प्रतिनिधित्‍व कानून की धारा 9 का उल्‍लंघन करने के मामले में सीएम को बर्खास्‍त करने की मांग की थी। राज्‍यपाल ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पूरे मामले की जांच की जिम्‍मेदारी चुनाव आयोग को सौंप दी है। 15 दिनों के अंदर राज्‍य के मुख्‍य सचिव से खदान लीज संबंधी सभी दस्‍तावेज भारत निर्वाचन आयोग ने तलब किया है।





सीएम हेमंत सोरेन द्वारा ऑफिस ऑफ प्रॉफिट करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।इस पर महीने के अंत तक सुनवाई होनी है। उच्‍च न्‍यायालय ने इस मामले में प्रारंभिक सुनवाई करते हुए इसे गंभीर मामला बताया और साथ ही हेमंत सोरेन के नाम पर लिए गए खदान लीज के तमाम दस्‍तावेज कोर्ट को सौंपने का निर्देश मुख्‍य सचिव को दिया है।





सीएम हेमंत सोरेन ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के इस मामले में बुरी तरह घिरते हुए दिखाई दे रहे हैं।सीएम हेमंत सोरेन के ऊपर जाने-अनजाने विधायक और सीएम पद से हटने के नये संकट के बादल छा गये है। झारखंड हाईकोर्ट और चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सबकी निगाहें गड़ चुकी है।पक्ष और विपक्ष में सीधी टक्कर ने राज्य राजनीतिक तापमान काफी बढ़ा दिया है। लोगों में तरह-तरह की चर्चाओं के बीच सियासी अटकलों का जबरदस्त दौर चल रहा है।





मुख्‍य विपक्षी पार्टी भाजपा इस पूरे मामले पर पैनी नजर रखते हुए केंद्रीय नेताओं के संपर्क में है।राजनीतिक पंडित पूरे घटनाक्रम को सीएम हेमंत सोरेन सरकार की मुश्किलें बढ़ाने वाला और निकट भविष्‍य में सियासी उथलपुथल का संकेत बता रहे हैं।विपक्ष के बड़े नेता इसे आने वाले दिनों में झारखंड में सत्ता परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं।अब देखने वाली बात यह है कि चुनाव आयोग हेमंत सोरेन पर क्‍या और किस तरह की कार्रवाई करता है।