रांची।विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत सोरेन सरकार राज्यकर्मियों के हित में बड़ा ऐलान कर सकती है।राज्यकर्मियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 साल कर सकती है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर पर इस प्रस्ताव पर विशेष मंथन चल रहा है।सूत्रों की मानें तो इस प्रस्ताव की स्वीकृति के लिए सरकार मंत्रिपरिषद की विशेष बैठक बुलाने पर भी विचार कर रही है।अगर ऐसा होता है तो हेमंत सरकार राज्य गठन के बाद पहली सरकार होगी,जो अपने पांच साल के कार्यकाल में राज्यकर्मियों के हित में दूसरा बड़ा ऐलान करेगी।इससे पहले हेमंत सरकार राज्यकर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू कर चुकी है। अब इस संभावित फैसले से राज्यकर्मी दो साल और नौकरी का लाभ ले पाएंगे।
सबसे अधिक कर्मचारी गृह विभाग में
हेमंत सरकार के विभिन्न विभागों में फिलहाल लगभग 1.70 लाख स्थायी अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं। गृह विभाग में लगभग 76 हजार, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में 51 हजार कर्मी कार्यरत हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में 8300, भू-राजस्व विभाग में 6700, विधि विभाग में 5800, जल संसाधन में 4 हजार कर्मी काम कर रहे हैं। हेमंत सरकार के पुरानी पेंशन योजना लागू करने के फैसले से करीब 1.23 लाख कर्मियों को सीधा लाभ पहुंचा था।
क्यों बढ़ाई जा रही उम्र सीमा
कई सालों से झारखंड में उस गति से सरकारी नौकरियां नहीं दी गईं,जैसी देनी चाहिए थी।
लगभग 67 पद खाली हैं। पांच साल में लगभग 26509 राज्यकर्मी रिटायर करेंगे।
विधानसभा चुनाव नजदीक है। कर्मियों की इस मांग को पूरा कर हेमंत सरकार अपने वोट बैंक को मजबूत कर रही है।
अगले 5 साल में 26 हजार से अधिक कर्मचारी रिटायर होंगे
सरकारी आंकड़े के अनुसार झारखंड में अगले पांच साल में कुल 26 हजार 509 कर्मी रिटायर हो जाएंगे।साल 2025 में 5335, वर्ष 2026 में 4961, 2027 में 4915, 2028 में 5608, 2029 में 5690 कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे।
नुकसान का भी तर्क
जानकारों का तर्क है कि उम्रसीमा बढ़ने बेरोजगारी बढ़ेगी। सरकारी नौकरियों में भर्ती कम होगी।
रिटायर उम्र बढ़ाने से नई नौकरियों पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।
नौकरी नहीं मिलने से नाराज छात्रों में सरकार के प्रति नकारात्मक छवि बन सकती है।
कैसे पकड़ा जोर
झारखंड सचिवालय सेवा संघ, डिप्लोमा अभियंता संघ, झारखंड वित्त सेवा के पदाधिकारी, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ लगातार रिटायर की आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग कर चुका है।





