संसद भवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक शुक्रवार का दिन सियासी हलचल से पूरी तरह गरमाया रहा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और कथित "वोट चोरी" के गंभीर मुद्दों को लेकर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।

इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और राकांपा नेता सुप्रिया सुले समेत कई प्रमुख विपक्षी दिग्गज शामिल थे। राष्ट्रपति भवन जाने से पहले विपक्षी सांसदों ने संविधान सदन से विजय चौक तक 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया।

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राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के मुख्य बयान

  • राहुल गांधी का दावा: राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि वोट चोरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके मुख्य सूत्रधार हैं, जबकि अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसे अंजाम दे रहे हैं। राहुल ने यह भी दावा किया कि भारत की राष्ट्रपति ने इस तथ्य को खारिज नहीं किया है।
  • मल्लिकार्जुन खरगे की मांग: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है। विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को हटाकर पुन: बैलेंट पेपर (मतपत्र) के जरिए चुनाव कराए जाएं। खरगे के अनुसार, राष्ट्रपति ने उनकी बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और आश्वासन दिया कि वह इस मामले की जांच कर उचित कदम पर विचार करेंगी।

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