प्रतिनिधि,चौपारण। चौपारण(हजारीबाग) वन संरक्षण समिति की एक अहम बैठक संतोष भुइयां अध्यक्ष वन अधिकार समिति की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड सरकार द्वारा दिए जा रहे भूमिहीनों को भूमि पट्टा पर विचार विमर्श करना था। समिति के सदस्यों ने एकमत होकर कहा कि वैसे भूमिहीनों को पट्टा दिया जाए जिनके पास जमीन नहीं है,लेकिन कुछ वैसे लोग भी इस भूमि पट्टा की सूची में शामिल है,जिनके पास पहले से ही घर व जमीन है।साथ ही वन संरक्षण समिति के सदस्य और वन प्रबंधन समिति जागोडीह के अध्यक्ष भोला यादव ने कहा कि हम सबको आगे आकर जंगल को बचाना है ताकि कल हमें अपने वंशजों को जंगल की सिर्फ कहानी नहीं सुनानी पड़े बल्कि उन्हें देखने के लिए जंगल भी मिले।





बसरिया उप मुखिया प्रतिनिधि संजय यादव ने कहा की जंगल में जहां भी आदिवासी लोग बसे हैं जंगल को धीरे-धीरे बर्बाद कर रहे हैं। इसके लिए वहां के बचे पेड़ों पर निशान अंकित किया जाए ताकि पता चले की पेड़ों की कटाई किनके द्वारा होती है। आदिवासी समुदाय के लोगों ने भी स्वीकार किया कि हम लोगों के द्वारा पहले जंगल में वृक्षों को काटा गया है, लेकिन आज से वचन लेते हैं कि अब हम लोग जितना जमीन पर रह रहे हैं या खेती कर रहे हैं उससे आगे एक भी पेड़ को नहीं काटेंगे और साथ ही साथ हम लोगों के द्वारा जो साइकिल से सुखी लकड़ियां बेची जाती है उसे भी बेचना अब हम लोग बंद करेंगे।





वन संरक्षण समिति के सदस्य और शिक्षक राजेश कुमार साव और अधिवक्ता मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा की जंगल में आदिवासी समुदाय के जो लोग अलग- अलग टुकड़ों में बसते हैं,जिससे उन्हें सरकार की मूलभूत सुविधा नहीं मिल पाती है, लेकिन आप लोगों ने जंगल के बीचो-बीच घने जंगलों को साफ कर अपना आशियाना बनाया है,जिसमें अफीम जैसी कुछ नशीली खेती की जाती है जिस पर रोक लगे नहीं तो यह क्षेत्र आंदोलित होने के लिए तैयार है।





कार्यक्रम में मुख्य रूप से बसरिया मुखिया प्रतिनिधि शिवनारायण पासवान, बेलाही मुखिया मंटू कुमार सिंह, बसरिया उप मुखिया प्रतिनिधि संजय यादव, उमेश यादव, अशोक यादव, भोला पासवान, नकुल साहू, विजय साहू, भोला यादव, सुरेश साव, गणेश साहू, सुधीर साव, परता मुंडा, बिरसा मुंडा सहित कई लोगों ने अपने-अपने विचार रखें।कार्यक्रम का संचालन शिक्षक राजेश कुमार साव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन विजय साहू ने किया।