लेह/कारगिल: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लोकतंत्र के एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। बुधवार को लद्दाख में पंचायत चुनाव का आधिकारिक बिगुल बज गया है, जिसके साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग (SEC) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लद्दाख के सभी पंचायत हलकों में आगामी 21 नवंबर को आम चुनाव संपन्न कराए जाएंगे और पूरी चुनाव प्रक्रिया 30 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी।

क्यों खास हैं ये चुनाव?

लद्दाख के इतिहास में यह पहला मौका है जब केंद्र शासित प्रदेश के रूप में यहां पंचायत चुनाव कराए जा रहे हैं। इससे पहले लद्दाख में अंतिम बार वर्ष 2018 में पंचायत चुनाव हुए थे, उस समय लद्दाख पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का एक अभिन्न हिस्सा हुआ करता था।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के प्रावधानों के तहत 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर राज्य को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों—लद्दाख और जम्मू-कश्मीर—में विभाजित किया गया था। नए प्रशासनिक स्वरूप के बाद से ही क्षेत्र में नई पंचायतों के गठन की मांग और जरूरत महसूस की जा रही थी।

चुनाव आयुक्त ने की घोषणा, जानें पूरा कार्यक्रम

राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त सुधांशु पांडेय ने बुधवार को चुनाव की घोषणा करते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर पंचायती राज नियम, 1996 के नियम सात के तहत लद्दाख के सभी पंचायत हलकों में सरपंच और पंचों के चुनाव कराने का प्रावधान है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रदेशभर में चुनाव कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

इसे भी पढ़ेंः 'लोकतंत्र खतरे में': मतदाता सूचियों से अवैध बेदखली और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर पूर्व SC जज ने जताई चिंता

चुनाव आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं:

  • अधिसूचना जारी होने की तिथि: 26 अक्टूबर (प्रशासक और राज्य चुनाव आयोग द्वारा)
  • नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 2 नवंबर
  • नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी): 3 नवंबर
  • नाम वापसी की अंतिम तिथि: 5 नवंबर
  • मतदान की तिथि: 21 नवंबर (शनिवार)
  • चुनाव प्रक्रिया की पूर्णता: 30 नवंबर तक

निष्पक्षता और शांति के कड़े निर्देश

राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया को 30 नवंबर तक हर हाल में संपन्न कर लिया जाएगा। चुनाव को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आदर्श आचार संहिता (MCC) का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने हिदायत दी है कि कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या आचार संहिता के उल्लंघन में शामिल न हो।

#LadakhElections #PanchayatElections2026 #LadakhNews #DemocraticProcess #ElectionCommission #UTLadakh #LocalElections #BreakingNews