विधायक की पहल पर विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति ने हजारीबाग होमगार्ड मामले में दिया निर्देश
15 दिनों में होमगार्ड नियुक्ति की नए सिरे से मेधा सूची होगी जारी:अंबा प्रसाद
प्रतिनिधि, बड़कागांव। हजारीबाग जिले के होमगार्ड अभ्यर्थियों के लिए एक सकारात्मक खबर आज झारखंड विधानसभा कक्ष में हुई।सरकारी आश्वासन समिति की बैठक से निकल कर आई है। सरकारी आश्वासन समिति की सदस्य बड़कागांव की विधायक अंबा प्रसाद ने विधानसभा में हजारीबाग होमगार्ड अभ्यर्थियों के मामले को उठाया था,जिसके बाद यह मामला सरकारी आश्वासन समिति में चला गया था। लगातार कई महीनो से चल रही बैठकों में मामले को जोरदार तरीके से रखने के बाद विधायक ने समिति के समक्ष फिर से उठाया।
विदित हो कि हजारीबाग डीसी द्वारा एकाएक होमगार्ड नियुक्ति को रद्द करने के मामले को विधायक अंबा प्रसाद ने विधानसभा में उठाया था,जिस पर सरकारी आश्वासन प्राप्त हुआ था कि यथाशीघ्र होमगार्ड नियमावली के तहत नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्ण कराया जाएगा।परंतु मामले में हो रहे विलंब को देखते हुए विधायक के द्वारा बार-बार होमगार्ड अभ्यर्थियों का पक्ष समिति के सामने रखती रही थी।
मामले पर समिति को विभाग ने अवगत कराया कि हजारीबाग गृह रक्षक नव नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कर औपबंधिक सूची प्रकाशित करने के उपरांत विभिन्न स्तरों पर शिकायत प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद डीसी हजारीबाग ने जांच कराई। जांच प्रतिवेदन को आधार मानकर बिना नव नामांकन समिति की बैठक के तत्कालीन उपायुक्त के द्वारा स्वयं के स्तर से पूरी नव नामांकन प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया,जबकि गृह रक्षक स्वयंसेवक नियमावली 2014 के अनुसार किसी भी प्रकार का निर्णय नव नामांकन समिति के माध्यम से ही लिया जाना है। इसलिए उपायुक्त सह अध्यक्ष गृह रक्षक नव -नामांकन समिति हजारीबाग को नियमानुसार गृह रक्षक नव नामांकन समिति की बैठक निर्धारित कर जांच प्रतिवेदन में उल्लेखित त्रुटियों का गहन पूर्वक मिलान दस्तावेजों से करते हुए नए सिरे से मेधा सूची प्रकाशित की जाएगी।
इस अवसर पर विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग के होमगार्ड अभ्यर्थियों के लिए सदैव उनके साथ कदम से कदम मिलाकर उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्ण कराने हेतु हर संभव प्रयास लगातार कर रही हूं। मेरे द्वारा सरकारी आश्वासन समिति को पत्र भेजकर होमगार्ड अभ्यर्थियों के नियुक्ति संबंधित मामले पर महत्वपूर्ण बैठक करने का अनुरोध किया गया था,जिसके बाद विधानसभा कक्ष में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक हुई एवं यह निर्देश दिया गया कि 15 दिन के भीतर जितनी भी त्रुटियां हैं उसे दूर करके नए सिरे से मेधा सूची प्रकाशित किया जाए।





