प्रतिनिधि,जमशेदपुर।लौह नगरी जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने गुरुवार सोनारी मरीन ड्राइव किनारे कचरा डंपिंग स्थल का निरीक्षण किया।इस दौरान उनके साथ क्षेत्र के कई नागरिक भी मौजूद थे।जिनमें जनसुविधा ट्रस्ट के मुकुल मिश्रा, सुदीप चौधरी, संजीत सिंह, लालू रजक, उत्तम कुमार दास आदि के घरों के पास कचरा डंप किया गया है।





सरयू राय ने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ है कि जमशेदपुर अक्षेस द्वारा वहां आग बुझाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही पानी का टैंकर रखने के साथ साथ गार्ड की व्यवस्था भी की गई है।ताकि कोई आग न लगा सकें। इनमें से कोई भी उपाय कचरा डंपिंग स्थल पर तो नहीं दिखा। मगर दर्जनों स्थानों से आग का धुआं निकलता हुआ दिखा।





जमशेदपुर अक्षेस की तरफ से अधिकारिक ब्यान अखबारों में प्रकाशित हुआ है कि इस स्थल की घेराबंदी कर यहां टीएसयूआईएसएल के सहयोग से पार्क बनाया जाएगा। इस स्थल के किनारे पर मरीन ड्राइव सड़क के समानांतर काफी दूर तक लोहे का ढांचा कुछ कुछ दूरी पर दिखाई पड़ा। मानो पहले घेराबंदी करने के लिए पिलर खड़ा करने की योजना पर काम हो रहा था। जिसे रोक दिया गया है। वस्तुतः जमशेदपुर अक्षेस ने डेढ़ साल पहले इस स्थल की घेराबंदी के लिए निविदा भी निकाली थी। साथ ही किसी संवेदक की निविदा भी चयनित हुई थी। उसे कार्यादेश भी मिला था।उसने कार्य आरंभ तो किया,लेकिन तत्कालीन जुस्को के विरोध के कारण यह काम रूक गया और अब फिर से जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी इस स्थल की घेराबंदी की बात कर रहे हैं। जिससे सवाल यह उठता है कि क्या इसके लिए टीएसयूआईएसएल ने अपनी सहमति दे दी है।साथ ही यह भी प्रश्न उठता है कि इस स्थान पर कचरा डंपिंग करने का आदेश किसने दिया? यह भूखंड टाटा लीज के अधीन है। क्या टाटा लैंड डिपार्टमेंट ने जमशेदपुर अक्षेस और मानगो नगर निगम को इस स्थान पर कचरा डंपिंग करने के लिए अनापत्ति दिया है? जहां तक मेरी जानकारी है कि ऐसी कोई अनापत्ति नहीं मिली है। बावजूद इसके जमशेदपुर अक्षेस और मानगो नगर निगम यहां कचरा डंप कर रहे हैं। मगर टाटा स्टील लैंड विभाग की ओर से इसपर रोक नहीं लगाई गई है। जबकि पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संरक्षण के नियमों के अनुसार नदी से 100 मीटर और रिहायशी इलाके से 200 मीटर की दूरी तक कचरा डंप नहीं किया जा सकता है। ऐसा लगता है कि एनजीटी में इसके विरोध में मुकदमा दायर होने के बाद जमशेदपुर अक्षेस, कंपनी तथा जिला प्रशासन के द्वारा दिखाया जा रहा है कि वे पर्यावरण के नुकसान की भरपाई करने के लिए तत्पर हैं।





सरयू राय ने वहां मौके पर उपस्थित क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया है कि वे इस लड़ाई में वे उनके साथ खड़े हैं। जिस प्रकार की गंदगी, दुर्गंध और दूषित हवा की जिल्लत वे झेल रहे हैं। वह काफी गंभीर मामला होने के साथ जन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला है। किसी भी संवेदनशील सरकार और प्रशासन के लिए यह शर्म का विषय है कि ऐसा माहौल वे नागरिकों को उपलब्ध करा रहे हैं। एनजीटी के मुकदमे का फैसला आएगा तो दोषी अधिकारी अवश्य दंडित होंगे। परंतु तब तक यह दूषित और अस्वास्थ्यकर स्थिति बर्दाश्त करने लायक नहीं है और इसे समाप्त करने के लिए नागरिक पहल की आवश्यकता है। वहीं प्रशासन को चाहिए कि यहां कचरा डंपिंग बंद करे और पहले से डंप कचरे का अविलंब निस्तार करें।