शिकंजे में आया हत्यारा पुत्र, संपत्ति के लालच में करा दी पिता की हत्या,महुआडांड़ थाना क्षेत्र की है घटना
आरोपी पुत्र की गिरफ्तार के बाद पुलिस ने किया मामले का खुलासा
अपने भाई की भी हत्या करवाने की योजना बना रहा था आरोपी पुत्र
प्रतिनिधि,लातेहार। जिले की महुआडांड़ पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। जहां एक बेटे ने संपत्ति के लालच में आकर अपने पिता की हत्या करवा दी। फिर अपने भाई की हत्या कराने का योजना भी उसने बना ली थी। पुलिस ने आरोपी पुत्र के साथ दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर कत्ल के इस राज से पर्दा हटाया।
क्या है मामला
22 जुलाई को महुआडांड़ थाना क्षेत्र के धवइटोला निवासी क्लेमेंट लकड़ा का शव उनके घर से थोड़ी ही दूर पर लहूलुहान स्थिति में बरामद किया गया था। शव को देखने से स्पष्ट लग रहा था कि उनकी हत्या धारदार हथियार से कर दी गई है। इस मामले को लेकर परिजनों ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की अनुसंधान के लिए एक टीम का गठन किया। जांच टीम द्वारा हत्या को लेकर सभी पहलुओं की गहनता से छानबीन आरंभ कर दी गई।
संपत्ति हड़पने के लिए कराई थी हत्या
इस संबंध में डीएसपी राजेश कुजूर ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारी छानबीन के दौरान पता चला कि शिक्षक क्लेमेंट लकड़ा का बड़ा बेटा मनोज लकड़ा का संपत्ति को लेकर पिता के साथ कई दिनों से विवाद चल रहा था। इस विवाद के चलते कई बार पंचायत भी बुलाई गई।मनोज अपनी पत्नी के साथ हजारीबाग जिले में रहता है। जब पुलिस ने इस बिंदु पर ध्यान रखते हुए शिक्षक के बैंक अकाउंट की छानबीन की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस ने शक के आधार पर पूछताछ करने के लिए क्लेमेंट के पुत्र को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी मनोज ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि संपत्ति हड़पने के लिए उसने दो अपराधियों को पैसे देकर अपने पिता की हत्या करवाई है।
1 लाख 20 हजार रुपए में दी गई थी सुपारी
डीएसपी ने आगे की जानकारी देते हुए बताया कि मनोज ने अपने पिता की हत्या के लिए महुआडांड़ के रहने वाले अपराधी अशोक राम को सुपारी दी थी। इसके एवज में उसने अशोक राम को 1 लाख 20 हजार रुपए देने की बात कही थी। उसने एडवांस के रूप में 20 हजार रुपए भी दे दिए थे, जिसके बाद अशोक राम ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर शिक्षक क्लेमेंट लकड़ा की हत्या कर दी। डीएसपी ने यह भी कहा है कि पिता की हत्या के बाद वह अपने छोटे भाई की हत्या करवाने का योजना बना रहा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद कर लिया है। इस कांड के उद्भेदन में डीएसपी राजेश कुजूर, पुलिस इंस्पेक्टर धर्मदेव पासवान, थाना प्रभारी रतन टुडू, सब इंस्पेक्टर मोहम्मद जफर अंसारी, अजय दास, संजय रत्न समेत अन्य पुलिस अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।





