रांची।बाबा भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना सावन है।

सावन के अंतिम सोमवार पर सिमडेगा,खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम के शिवालयों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बोल बम के जयकारे से पूरा इलाका गूंज उठा। सिमडेगा में तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सावन के अंतिम सोमवार पर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।





सिमडेगा में कांवरियों का उमड़ा जनसैलाब





सावन महीने के अंतिम सोमवार को 3000 से अधिक महिला और पुरुष कांवरियों ने शिवालयों में जलाभिषेक किया।शंख नदी तट पर दो नदियों के संगम स्थल से पूरे विधि-विधान के साथ कांवरियों द्वारा जल कलश में भरा गया।इसी दौरान 30 फीट और 21 फीट के दो कांवर भी आकर्षण का केंद्र रहा।पूरे रास्ते महादेव के गानों पर कांवरियां झूमते नजर आए।शंख नदी संगम स्थल से कांवर यात्रा निकलकर कच्चे-पक्के रास्तों से होते हुए शहरी क्षेत्र के सामटोली, कचहरी रोड, महावीर चौक, नीचे बाजार, भठ्ठी टोली, रामनगर से गुजरते हुए केलाघाघ शिव मंदिर पहुंचे।शिव मंदिर के बाहर कांवरियों की लंबी कतार देखी ग‌ई।व्यवस्था बनाए रखने के लिए केलाघाघ में एसडीपीओ ए डोड्राई के अलावा सशस्त्र पुलिस के जवान शहरी क्षेत्र से लेकर केलाघाघ शिव मंदिर तक रोड के इधर-उधर तैनात नजर आए।





खूंटी के आमरेश्वर धाम में शिव भक्तों की भीड़





सावन महीने के अंतिम सोमवार को बाबा आमरेश्वर धाम में शिव भक्तों की काफी भीड़ देखी ग‌ई।सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए रविवार शाम से ही भक्तों का रेला पहुंचने लगा था।काफी संख्या में भक्त पैदल ही स्थानीय बनई नदी पहुंचे. और जल उठाकर आमरेश्वर धाम पहुंचे।जलाभिषेक करने के लिए रविवार की रात से ही भक्त लाइन में खड़े हो ग‌ए। मंदिर का पट खुलते ही भक्त जलाभिषेक करने के लिए उमड़ पड़े। पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा।





लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक





आमरेश्वर धाम प्रबंधन समिति के मुताबिक सावन के अंतिम सोमवार के दिन लगभग डेढ़ लाख भक्तों ने जलाभिषेक किया।जलाभिषेक के लिए खूंटी के अलावा रांची, सिंहभूम, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला सहित अन्य जिलों से भक्तों का हुजूम पहुंचा।पूरे दिन पूजा-अर्चना होती रही। भक्तों ने आमरेश्वर धाम परिसर में लगे श्रावणी मेले का भी आनंद उठाया।इस दौरान जिला प्रशासन, एनसीसी कैडेट और आमरेश्वर धाम प्रबंध समिति द्वारा व्यवस्था संभाली गई।





किन्नरों ने किया जलाभिषेक





बाबा आमरेश्वर धाम में सावन के अंतिम सोमवार को किन्नरों के दल ने जलाभिषेक किया।खूंटी और रांची से लगभग एक दर्जन की संख्या में पहुंचे किन्नरों ने भगवान भोलेनाथ का पूरे श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।अपने साथ सभी के खुशहाली और तरक्की के लिए आशीर्वाद मांगा।





पश्चिमी सिंहभूम के दुर्गादा शिवालय में उमड़ी भक्तों की भीड़, हुआ खीर का वितरण





पश्चिमी सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र और दुर्गम पहाड़ों के बीच स्थित कराईकेला से 20 किलोमीटर दूर स्थित दुर्गादा शिवालय में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पहाड़ के ऊपर स्थित प्राकृतिक शिवालय होने के कारण लोगों में काफी आस्था है।यहां सावन माह में दूर-दराज के लोग कांवर लेकर भगवान शिव को जल चढ़ाते हैं और मन्नतें मांगते हैं।जलाभिषेक के लिए बंदगांव लोटा पहाड़ के अलावा टाटानगर, राउलकेला, चक्रधरपुर, बंडामुंडा, सोनुवा, सरायकेला, खरसावां, कराईकेला, भालुपानी, हुडंगदा, नकटी समेत विभिन्न जगहों से लोग पूजा करने आते हैं।