प्रतिनिधि ,सिंदरी।संयुक्त संघर्ष मोर्चा सिंदरी का एक प्रतिनिधिमंडल एफसीआईएल सिंदरी के यूनिट प्रभारी विजय चौधरी एवं स्टेट इंचार्ज देवदास अधिकारी से मिलकर पीपी कोर्ट द्वारा जारी नोटिस के आलोक में सिंदरी वासियों में हताशा, भय एवं आक्रोश से प्रबंधन को अवगत कराया तथा संयुक्त रूप से तैयार पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा, जो निम्नलिखित हैं।





1. एफ.सी.आई.एल प्रबंधक द्वारा सिंदरी के झुग्गी झोपड़ी दुकानदारों को पी .पी एक्ट के तहत हटाने हेतु जारी नोटिस को निरस्त किया जाए।





2. पी.पी. एक्ट के तहत जारी नोटिस से प्रभावितों को उजाड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था किया जाए।





3. सिंदरी के रैयतो द्वारा देशहित में एफसीआईएल सिंदरी को दिए जमीन में से शेष बचे हुए खाली जमीनों को किसी पूंजीपति को ना देकर रैयतो को वापस किया जाए।





4. सिंदरी शहर के अंदर लंबे समय से बसें रैयतो को अपना मकान का मालिकाना हक वहीं पर दिया जाए एवं छोटे-छोटे दुकानदारों को स्थान आवंटित किया जाय।





5. एफसीआईएल के खाली पड़े क्वार्टरों को सिंदरीवासियों को लीज आवंटित किया जाए।





मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा हमारी उपरोक्त मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक, सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो मोर्चा चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।





संयुक्त संघर्ष मोर्चा सिंदरी के संयोजक रामू मंडल ने कहा कि धनबाद के सांसद पी एन सिंह के साथ बैठक कर भारत सरकार पीपी एक्ट के तहत शहर को खाली करने का फैसला लिया है।





इस मामले में बीजेपी सिंदरी की जनता के समक्ष सांसद का असली चेहरा को अंधेरे में रखकर गुमराह कर रही है।



मांग पत्र का प्रतिलिपि उपायुक्त धनबाद, आयुक्त उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल हजारीबाग, रसायन मंत्री (भारत सरकार), मथुरा प्रसाद महतो विधायक, पूर्णिमा नीरज सिंह विधायक सह सचेतक, विनोद सिंह विधायक, आनंद महतो पूर्व विधायक, एसएसपी धनबाद, को दिया जाएगा।



प्रतिनिधिमंडल में संयोजक रामुमंडल जेएमएम, विकास कुमार ठाकुर सीपीआईएम, अजय कुमार कांग्रेस, राजीव मुखर्जी मासस, विमल कुमार रवानी माले , मुनेश्वर यादव राजद, मनोज घोष, राहुल यादव शामिल थे।