संतकबीरनगर।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम आने से पहले उत्तर प्रदेश के अलग अलग जिलों में ईवीएम और बैलेट पेपर को लेकर लापरवाही के वीडियो सामने आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लगातार अधिकारियों को पकड़ रहे हैं।इसे लेकर हंगामा मचा हुआ है।

ताजा मामला जिले के एचआरपीजी कॉलेज का है।जहां गेट पर बुधवार को एक लेखपाल को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रोक लिया। तलाशी ली तो लेखपाल के पास मौजूद रजिस्टर में आरओ के हस्ताक्षर युक्त दो बैलेट पेपर मिला। जिसके बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया।बैरहाल बैलेट पेपर सादा था।सूचना पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल मौके पर पहुंचकर पूरी सच्चाई जानने के बाद लेखपाल को निलंबित करने के साथ ही केस दर्ज कराने का एसडीएम को निर्देश दिया। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही।

खलीलाबाद तहसील में कार्यरत एक लेखपाल बुधवार को एचआरपीजी कॉलेज में बने मतगणना स्थल पर जा रहा था। अभी वह कॉलेज गेट के सामने पहुंचा ही था कि शक के आधार पर सपा नेता व पूर्व प्रमुख मनोज राय ने उसे रोक लिया। लेखपाल के पास मौजूद रजिस्टर की तलाशी ली तो रजिस्टर में दो बैलेट पेपर आरओ के हस्ताक्षर युक्त मिला। यह बैलेट पेपर कहां से आया, यह लेखपाल नहीं बता सका। जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया।

हंगामे की सूचना पर डीएम दिव्या मित्तल और एडीएम मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने लेखपाल से पूछताछ की, पर कुछ भी बताने में वह अस्मर्थ था। डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि दो सादा बैलेट पेपर लेखपाल के पास से मिले हैं। यह कहां से आया है, इसकी जांच कराई जाएगी। लेखपाल को निलंबित करने के साथ ही उसके खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश एसडीएम को दिया गया है।

डीएम ने कहा कि मतगणना पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी।ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इसके बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता माने और हंगामा खत्म किए। समाजवादी पार्टी के मेंहदावल विधानसभा प्रत्याशी जयराम पांडेय ने कहा कि मतगणना के लिए लेखपालों को बुलाया गया था। एक लेखपाल रजिस्टर में दो बैलेट पेपर लेकर जा रहा था, जिसे पकड़ा गया है। सरकार अपनी हार मान चुकी है और कोई भी गड़बड़ी कर सकती है। जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव ने कहा कि यह सरकार कुछ भी कर सकती है। इसलिए पूरी रात ईवीएम की रखवाली की जाएगी। बलिराम ने डीएम से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गौहर अली खां ने कहा कि तीनों विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना को निष्पक्ष कराया जाना चाहिए। स्थानीय प्रशासन पर उनको पूरा भरोसा है। पार्टी की तरफ से दो अधिवक्ता भी मतगणना में मौजूद रहेंगे। यह सरकार अपनी हार मान चुकी है और वह कुछ भी गडबड़ी करा सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी यही अंदेशा जताया है।

समाजवादी पार्टी के नेता बृजेश यादव ने वीडियो शेयर करते हुए एक ट्वीट में लिखा है कि यूपी में इतिहास में कभी चुनाव में इतनी अनियमितता नहीं हुई होगी, हर जनपद में खुलेआम लेखपाल, SDM रिटर्निंग आफ़िसर के साइन किए बैलेट पेपर लेकर घूम रहे हैं। जब समाजवादी पार्टी के लोग पकड़ रहे हैं तो कह रहें हैं गलती से हुआ।

वाराणसी में गिरी एडीएम पर गाज

आपको बता दें कि इससे पहले सोनभद्र जिले में भी एसडीएम को हटा दिया गया है।समाजवादी पार्टी की तरफ से लगातार आरोप लगाए जा रहे है।वाराणसी में भी एडीएम एन के सिंह को सस्पेंड करने का आदेश दिया गया है।निर्वाचन आयोग लगातार कार्रवाई कर रहा है।वाराणसी के जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि ईवीएम प्रभारी अपर जिलाधिकारी नलिनी कांत सिंह को ईवीएम परिवहन में लापरवाही बरतने पर 8 मार्च को देर रात तत्काल प्रभाव से निर्वाचन कार्य से अवमुक्त करते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को ईवीएम प्रभारी बनाया गया है।उन्होंने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी को बिना सूचना दिए तथा ईवीएम परिवहन की जानकारी प्रत्याशियों को मूवमेंट प्लान दिए बिना वेयरहाउस से निकाली गई तथा परिवहन प्रोटोकॉल का कोई पालन नहीं किया गया जिस कारण उन्हें जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।