झारखंड राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। सूबे की अर्थव्यवस्था मजबूत करने और गरीबी का दुष्चक्र तोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम दिखने लगा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, बिजली और पेयजल आपूर्ति सहित अन्य क्षेत्रों में सरकार के कार्यों ने गति पकड़ी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नौकरशाही भी रेस हुई है।विधायिका और कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय देखा जा रहा है। यह शुभ संकेत है।
हाशिए पर रह रहे लोगों को अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में लाने के लिए श्री सोरेन के प्रयासों की चहुंओर सराहना की जा रही है।राज्य सरकार ने सामाजिक,आर्थिक मानकों को ध्यान में रखते हुए कई उल्लेखनीय योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफलता पाई है।इससे सर्वांगीण विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
झारखंड सरकार ने इस वर्ष भी विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का निर्णय लिया है। इस मौके पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की जनजातीय समुदाय की हस्तियों को भी समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।सूबे के आलाधिकारी भी आदिवासी महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं। सरकार की यह पहल अच्छी है। सराहनीय बात यह भी है कि विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले समारोह का आयोजन बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान संग्रहालय में किया जाएगा। इससे पुराने जेल परिसर को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।गौरतलब है कि महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा को ब्रिटिश हुकूमत द्वारा जहां कैद रखा गया था।उस परिसर को झारखंड सरकार ने संग्रहालय का रूप दिया है। सरकार का प्रयास है कि यह परिसर एक यादगार स्मृति के रूप में स्थापित हो और आमजन ऐसे आयोजनों के माध्यम से सरकार के कार्यक्रमों से जुड़ सकें। यह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शिता का परिचायक है।





