रांची।देवाधिदेव महादेव के सबसे प्रिय सावन महीने के आखिरी सोमवार को सात समुंदर पार जापान में पहली बार कांवर यात्रा निकाली गयी है।झारखंड और बिहार के भक्तों ने फुनाबोरी से ओजीमा तक कांवर यात्रा निकाली।ज्योति किरण, कोमल और अन्य महिलाओं ने कांवरियों का स्वागत उनका पैर धोकर और पुष्पवर्षा कर किया।
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के ओएसडी मिथिलेश कुमार के बेटे अमित कुमार ने बताया कि बिहार फाउंडेशन के लोगों ने खुद से जापान में कांवर बनाया।इसके बाद कांवर यात्रा निकाली गई। बिहार फाउंडेशन जापान चैप्टर की ओर से ये प्रयास किया गया है।
आपको बता दें कि जापान में पहली बार सावन महीने में कांवर यात्रा निकाली गयी है।बिहार फाउंडेशन जापान चैप्टर के अथक प्रयास से ये संभव हुआ है।सोमवार सुबह फुनाबोरी में वैदिक कल्चरल हॉल में सभी महादेव के भक्त जमा हुए। कल्चरल हाॅल में उनका उत्साहवर्धन करने के लिए भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मयंक जोशी ने अपना आशीर्वचन दिया।मयंक जोशी का स्वागत बिहार फाउंडेशन के अध्यक्ष राजा आनंद विजय सिंह ने अंगवस्त्र भेंटकर किया। अपराजिता और ज्योति ने उन्हें रोली-चंदन का तिलक लगाया। दीया, पीकू, अव्यान और ओम साई ने फूल का गुलदस्ता और सैपलिंग भी भेंट की।
रातभर जगकर तैयार किया कांवर
महादेव के भक्तों ने फुनाबोरी से ओजीमा तक कांवर यात्रा निकाली थी।हिगाशी ओजीमा के ब्रिज से गुजरते इस कांवर यात्रा के दौरान विश्व प्रसिद्ध sky Tree और सुमेधा नदी ने इसे और खूबसूरत बना दिया था। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के ओएसडी मिथिलेश कुमार के बेटे अमित कुमार ने बताया कि मुकेश गुप्ता, शिवानी, ओम साई गुप्ता, दिलीप कुमार, बिनोद, अमित कुमार, रविंदर, अभिषेक, अपराजिता, दीया, विकास, राजा आनंद विजय, नोरिको ने रातभर जगकर कांवर तैयार किया।
कांवरियों का भव्य स्वागत
भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मयंक जोशी ने अपने संबोधन में भारत-जापान के रिश्तों को सांस्कृतिक रूप जोड़ने के इस प्रयास को काफी सराहा।इस साल भारत-जापान के रिश्ते की 70वीं वर्षगांठ मनायी जा रही है और साथ ही आजादी का अमृत महोत्सव भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांवर यात्रा की इस शुरुआत को संबंधों को मजबूत करने एवं जापान में हमारी भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार के रूप में देखा जा रहा है।भारतीय समुदाय के गढ़ कहे जाने वाले ओजीमा में कांवरियों का स्वागत उनके पैर धोकर, पुष्पवर्षा कर ज्योति किरण, कोमल एवं अन्य महिलाओं ने किया।कई जापानी इसे देखकर आश्चर्यचकित थे।





