साहिबगंज से मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन गए तीन छात्र फंसे
साहिबगंज से मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन गए तीन छात्र फंसे <Br/> <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

झारखंड के साहिबगंज जिले से मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए तीन छात्र वहां फंस गए हैं। रूस के हमले के बाद तीनों छात्र किसी तरह बचते हुए बस से पोलैंड बॉर्डर के लिए निकले हैं। वहां से सुरक्षित स्वदेश लौटने की योजना है।
मिली जानकारी के राजधानी राधानगर थाना क्षेत्र के अमानत से मसरूल अहमद बीते दो साल से वहां रहकर मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके साथ राजमहल के फुलबड़िया थाना क्षेत्र के मनसिंहा हि़सिंगटोला के मनीरुद्दीन शेख उर्फ मुन्ना के पुत्र आसिफ अहमद और कोटालपोखर गांधी मुहल्ला निवासी विद्या सागर के पुत्र कमलकांत साहा भी हैं।
कमलकांत मेडिकल की पढ़ाई करने 13 दिसंबर 2022 को यूक्रेन गए थे। इधर, आसिफ अहमद के पिता मनीरुद्दीन शेख उर्फ मुन्ना आसिफ ने फोन पर बताया है कि वे लोग काफी डरे हुए हैं। सायरन बजते ही बंकर (जमीन के अंदर अंडरग्राउंड) में जाकर छुपना पड़ता है। वे लोग वेस्टर्न यूक्रेन में रहते हैं। हालांकि ईस्टर्न यूक्रेन सबसे ज्यादा प्रभावित है। रूस के हमले के 24 घंटे बाद खुद के खर्च पर व्यवस्था कर बस से पोलैंड बॉर्डर के लिए रवाना हुए। सफर करीब सात घंटे का है।
साहिबगंज जिले का मसरूल अहमद व कमलाकांत भी उनके साथ उसी बस पर सवार थे। इधर, मसरूल के पिता बदरुद्दीन शेख ने बताया कि उनका पुत्र दो साल पहले वहां गया है। युद्ध शुरू होने के बाद वे लोग दूसरे 8-10 विद्यार्थियों के साथ बंकर के नीचे रात गुजार रहे हैं। फिलहाल सात दिन के खाने का स्टॉक है। कुल 60 छात्र पोलैंड बॉर्डर पहुंच रहे हैं। आसिफ के पिता मो. मनीरुद्दीन ने यहां के डीसी के माध्यम से भारत सरकार से तीनों छात्रों को सकुशल वतन वापसी कराने की गुहार लगाई है।
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