रांची।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने न्योता भेजा है।मगर अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सीएम ने गृहमंत्री का न्योता कबूल किया या नहीं।हरियाणा के सूरजकुंड में 27 और 28 अक्टूबर को देश के सभी राज्यों के गृह-मंत्रियों का चिंतन शिविर आयोजित होगा।इस चिंतन शिविर में देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मसलों पर चर्चा होगी और इसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करने वाले हैं।इसमें राज्यों के गृह-मंत्रियों को बुलाया गया है।झारखंड में गृह मंत्रालय सीएम सोरेन के पास है।इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें ही न्योता भेजा है।
आपको बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखी है।गृहमंत्री ने सीएम सोरेन को संबोधित करते हुए लिखा है कि आगामी 27 और 28 अक्टूबर को सूरजकुंड में सभी राज्यों के गृहमंत्री के साथ देश में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मसलों पर चर्चा होगी। इसमें पुलिस व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन सेवा तथा होमगार्ड से जुड़े मुद्दों पर ना केवल चर्चा होगी बल्कि इन क्षेत्रों में प्रभावी समाधानों के लिए और पारस्परिक सरोकार के अन्य क्षेत्रों के बारे में परस्पर विचार मंथन के लिए मंच प्रदान करेगा। गृहमंत्री ने आगे लिखा है कि जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे है तो इस कार्यक्रम में सामने आए विचारों से राष्ट्र निर्माण करने में प्रेरणा और सामर्थ्य प्रदान करने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी।हम सीएम को चिंतन शिविर में उपस्थित रहने और अपने बहुमूल्य सुझावों से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं।
आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित इस दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मसलों पर चर्चा होगी। इसमें नागरिक सुरक्षा, राज्यों की पुलिस (चुनौतियां और कार्यप्रणाली) होमगार्ड तथा अग्निशमन सेवा से जुड़े मसलों पर चर्चा होगी। चिंतन शिविर का आयोजन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।इस दो दिवसीय इस चिंतन शिविर में राज्यों के गृहमंत्री ही नहीं बल्कि गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक भी शामिल होंगे।ऐसे में झारखंड के पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा भी इसका हिस्सा हो सकते हैं।
नक्सलवाद की समस्या से जूझ रहा है झारखंड
आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों की बात अगर की जाए तो झारखंड लंबे अरसे से नक्सलवाद की समस्या से जूझ रहा है। राज्य पुलिस के अनुसार राज्य के 16 जिलों में नक्सली ज्यादा सक्रिय हैं।बीते दिनों झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने झारखंड और छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित नक्सलियों का गढ़ बूढ़ा पहाड़ को नक्सलियों के कब्जे से मुक्त कराकर अपना कैंप स्थापित किया है।आजादी के बाद इतिहास में पहली बार किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बूढ़ा पहाड़ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।बीते दिनों राज्य के डीजीपी नीरज सिन्हा बूढ़ा पहाड़ गए थे।उग्रवाद प्रभावित झारखंड का आंतरिक सुरक्षा को लेकर आयोजित चिंतन शिविर में शामिल होना काफी अहम साबित हो सकता है।
गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को भी अलग से पत्र भेजकर चिंतन शिविर में शामिल होने का न्योता भेजा है। गृहमंत्री ने कहा है कि यदि चिंतन शिविर में शामिल होने की पुष्टि कर दी जाती है तो इससे जरूरी व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।बीते कुछ समय से राज्य में विपक्ष द्वारा लगातार बांग्लादेशी घुसपैठ का मामला भी उठाया जा रहा है। जाहिर है कि चिंतन शिविर में आंतरिक सुरक्षा को लेकर इस पर भी चर्चा हो सकती है।





