जमशेदपुर।झारखंड के जमशेदपुर में शारदामणि गर्ल्स हाईस्कूल की नौवीं की दलित छात्रा के खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश के मामले में रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता से संज्ञान लिया है।सीएम सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम की उपायुक्त विजया जाधव से फोन पर पूरी घटना की जानकारी मांगी और हरसंभव मदद के निर्देश दिए।सीएम के फोन के बाद उपायुक्त रविवार दोपहर गंभीर रूप से झुलसी छात्रा को देखने टीएमएच पहुंचीं और डॉक्टरों से बात की। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ी तो छात्रा को इलाज के लिए बाहर भेजा जाएगा।
उपायुक्त ने छात्रा की मां से बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने तत्काल राहत के तहत 25 हजार रुपए का चेक भी दिया।छात्रा की मां ने उन्हें बताया कि एक साल से उनकी विधवा पेंशन बंद है। इसपर डीसी ने तत्काल संबंधित अधिकारी से बात कर पेंशन चालू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि परिवार जिन सरकारी योजनाओं के दायरे में आता है, उन सभी का लाभ दिलाया जाएगा।
जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई
शिक्षिका पर कार्रवाई के सवाल पर उपायुक्त ने कहा कि घटना के दिन ही शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले में एसडीएम और डीईओ ने अलग-अलग जांच की है। प्रशासन जांच रिपोर्ट पर कड़ी कार्रवाई करेगा।
छात्रा की मां बोली,हमे पैसा नहीं, इंसाफ चाहिए
टीएमएच में भर्ती छात्रा का हाल जानने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता रविवार को अस्पताल पहुंचे। मंत्री ने छात्रा की मां समेत अन्य परिजनों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।मंत्री ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर कुछ रुपए देने लगे तो छात्रा की मां ने पैसे लेने से इनकार कर दिया।
छात्रा की मां मंत्री से बोली हमे पैसा नहीं इंसाफ चाहिए।बेटी को इस हालत में पहुंचाने वाली शिक्षिका पर कार्रवाई हो और इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं हो।मां की बात सुनकर मंत्री ने कहा कि इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर हैं और उन्होंने निर्देश दिया है कि पूरा इलाज होगा। छात्रा की हालत थोड़ी स्टेबल होने के कारण उसे रिम्स और वहां से एयरलिफ्ट कर एम्स ले जाने पर भी सरकार विचार कर रही है।
मंत्री ने कहा कि इस मामले में दोषी पर कड़ी कार्रवाई होगी, क्योंकि यह अत्याचार का सबसे क्रूरतम तरीका है, जिससे आहत होकर उनसे ऐसा कदम उठाया। इसलिए दोषी पर किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा। बच्ची का निशुल्क और बेहतर इलाज होगा, इसमें कोई कमी नहीं होगी। मंत्री ने टीएमएच के डॉक्टरों से मिलकर छात्रा के बारे में जानकारी भी ली।
अंदर चल रहा इलाज बाहर सलामती की दुआ
खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश करने वाली छायानगर की दलित छात्रा का टीएमएच की बीसीयू में इलाज चल रहा है। छात्रा को वहां वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं, छात्रा के परिजन और बस्ती के लोग वार्ड के बाहर उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। 36 घंटे से परिजन और बस्ती के लोग वार्ड के बाहर जमे हुए हैं। वार्ड से बाहर निकलने वाले डॉक्टर, नर्स से सारे लोगों से एक ही सवाल पूछते हैं कि वह अब कैसी है, जल्द ठीक हो जाएगी न। छात्रा के भाई ने बताया कि रात में उसकी मां, दोनों बहन, बुआ अस्पताल के वेटिंग हॉल में रहते हैं। हर कोई रात में सो जाता है, लेकिन मां बीसीयू के बाहर बेंच पर अकेले बैठी रहती है।





