रांची।बिहार झारखंड के चर्चित चारा घोटाले के एक मामले में सीबीआई न्यायालय में सशरीर हाजिर होने के लिए राजद मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद राजधानी रांची पहुंच गये हैं।लालू प्रसाद यादव भोला यादव समेत अन्य नेताओं के साथ रविवार को पटना से दोपहर में विमान से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे। राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव के रांची आगमन पर प्रदेश राजद के नेता बैंड बाजा के साथ बड़ी संख्या में एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपने नेता का स्वागत किया।

मीडियाकर्मियों के सवाल पर नो कमेंट्स कह कर लालू प्रसाद सीधे राजकीय अतिथिशाला पहुंचे. इसके बाद वह अपने कमरे में चले गये. शाम में लगभग डेढ़ घंटे के लिए वह नीचे आये और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की.

लालू यादव के एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय कार्यकर्ताओं के बीच अपने नेता की एक झलक पाने को लेकर अफरा तफरी मची रही। इस दौरान धक्का मुक्की की भी स्थिति बनी। वे सुरक्षा घेरा में काफिला के साथ पत्रकारों से बात किये बगैर
लालू प्रसाद सीधे राजकीय अतिथिशाला पहुंचे। इसके बाद वह अपने कमरे में चले गये।शाम में लगभग डेढ़ घंटे के लिए वह नीचे आये और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।

लालू प्रसाद से जुड़े चारा कांड संख्या आरसी 47 ए/ 96 मामले में 15 फरवरी को फैसला आएगा। डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी मामले में लालू समेत 99 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे हैं।

इस मामले में 29 जनवरी को सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले में बहस पूरी होने के बाद फैसले की तारीख निर्धारित की थी। अदालत में उस दिन उन्हें समेत अन्य आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश है। उसी आदेश के तहत लालू प्रसाद रविवार को रांची पहुंचे हैं। वे 15 फरवरी को दिन के 10:30 बजे सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश होंगे।

लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाले के बहुचर्चित पांच मामलों में से पांचवें व अंतिम मामले में विशेष अदालत 99 आरोपियों के बारे में फैसला सुनायेगी।इस मामले में फैसले के दिन सभी 99 आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने काे कहा गया है।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 575 गवाहों की गवाही दर्ज करायी गयी है। बचाव पक्ष की ओर से 25 गवाह पेश किये गये है। 1996 में यह घोटाला सामने आया था जिसमें पशुओं के चारा का नाम पर सरकारी खजाने से 950 करोड़ रुपए की अवैध निकासी कर ली गयी थी। मामले की सीबीआई जांच की गयी थी।