प्रतिनिधि,बालूमाथ(लातेहार)। सीसीएल द्वारा संचालित तेतरियाखांड कोलियरी का गुरुवार को सीसीएल के सीएमडी डॉ० बी वीरा रेड्डी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ राजहरा जीएम कमल मांझी, तेतरियाखाड़ परियोजना पदाधिकारी केएल यादव,खदान मैनेजर विनोद कुमार दीपक,डिस्पैच ऑफिसर अजीत बहेरा समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।मौके पर सीसीएल सीएमडी ने खनन स्थल का मुआयना किया और कोयला उत्पादन के लक्ष्य को बढ़ाने का निर्देश परियोजना पदाधिकारी को दिया।





मौके पर बोलते हुए सीसीएल सीएमडी ने कहा कि तेतरियाखाड़ कोल माइंस में 30 मिलियन कोयले का भंडार है। जो करीब 30 से 40 वर्षों तक चलेगा।अभी जितना प्रोडक्शन हो रहा है उसे और बढ़ाना है। अधिक प्रोडक्शन करने के लिये ग्रामीणों के साथ वार्ता कर एक नए रास्ते का निर्माण कराया जाएगा और फेस टू साइडिंग हाईवा का परिचालन शुरू कराया जाएगा,जिससे स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिलेगा।जिसपर पत्रकारों द्वारा सीएमडी डॉ० बी वीरा रेड्डी को जानकारी दी गई कि बालूमाथ, बसिया समेत आसपास के एक हजार से अधिक स्थानीय लोगों का रोजगार का एकमात्र साधन ट्रक है। इसलिए यहां ट्रक का ही परिचालन किया जाए, जिसका जवाब देते हुए सीसीएल सीएमडी ने कहा प्रतिदिन पांच हजार टन कोयला डिस्पैच करना है,लेकिन रोड सेल के माध्यम अभी मात्र दो हजार टन ही डिस्पैच हो रहा है।इसके अलावा हाईवा के रेट में ट्रक से ढुलाई सम्भव नही है। उन्होंने कहां कि सीसीएल द्वारा ग्रामीणों को आस्वस्थ करते हुए कहा कि हाईवा का परिचालन होने से कोई भी ट्रक प्रभावित नही होगा।





पत्रकारों द्वारा दूसरा सवाल पूछा गया की सीसीएल द्वारा यहां के विस्थापितों को अभी तक पूरा मुआवजा नही दिया गया है।इसके अलावा स्कूल,अस्पताल,बिजली, पानी की सुविधा नही दी गयी है। जिस पर बोलते हुए सीसीएल सीएमडी ने कहा कि जल्द ही यह सारी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएगी। वहीं उनके द्वारा जानकारी दी गई कि अब तक 76 लोगों को नौकरी दी जा चुकी है।बाकी बचे हुए लोगो को कागजी प्रक्रिया जारी है। मौके पर विस्थापित नेता सुरेश उरांव, बिहारी यादव, दिलमणि यादव, अर्जुन राम,कृष्णा साव समेत कई लोग उपस्थित थे।