दुमका।झारखंड के दुमका जिले के गोपीकंदर थाना क्षेत्र में छठवीं में पढ़ने वाली 12 वर्षीय एक बच्ची के साथ दो लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को इस बारे जानकारी देते हुए बताया कि घटना बुधवार की है और आरोपी पीड़िता को गोड्डा के जंगल में छोड़कर फरार हो गए थे, जिनकी तलाश की जा रही है।





दुमका के अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी नूर मुस्तफा अंसारी ने बताया कि नाबालिग छात्रा के परिजनों ने गुरुवार को पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने छात्रा की मेडिकल जांच करवाई और अपराधियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।अस्पताल में इलाजरत बच्ची का गुरुवार को सब-इंस्पेक्टर श्वेता कुमारी ने बयान दर्ज किया।बच्ची ने अपने बयान में बताया कि बुधवार की सुबह वह स्कूल गई हुई थी, जब उसने बस्ता खोला तो पाया कि वह कॉपियां लाना भूल गई है। वह कॉपी लाने के लिए वापस अपने घर जा रही थी कि रास्ते में एक मारुति वैन खड़ी थी जिसमें दो लोग सवार थे।





बच्ची के अनुसार वैन सवार लोगों ने उससे नाम पूछा और कहा कि गांव में नदी किधर है।उसका रास्ता बताए। वह नदी का रास्ता बता रही थी कि उसे चक्कर आने लगा और वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने पाया कि वह एक टैम्पो में है। उसके पास एक ही आदमी था जो मारुति वैन का चालक था।मारुति वैन चालक उसे टैम्पो से गोड्डा जिले के एक जंगल में ले गया, जहां उसे धमकी दी कि अगर किसी को घटना के बारे में बताया तो उसकी हत्या कर देगा।पीड़िता ने बताया कि वैन चालक ने उसके साथ गोड्डा के जंगल में दुष्कर्म किया, जबकि दूसरे व्यक्ति ने बेहोशी की हालत में उससे दुष्कर्म किया था।





बच्ची के अनुसार आरोपी उसे जंगल में छोड़कर चला गया, जहां से वह पैदल चलकर नजदीकी गांव पहुंची और ग्रामीणों की घटना की जानकारी दी।बच्ची ने बताया कि एक ग्रामीण उसके गांव को जानता था और उसी ने रात को आश्रय दिया और गुरुवार की सुबह उसे घर पहुंचाया।





बच्ची ने बताया कि एक आरोपी ने मास्क लगाया हुआ था, जबकि दूसरे को सामने आने पर वह पहचान लेगी। बच्ची का इस समय दुमका के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है। अंसारी ने बताया कि पुलिस अपराधियों की तलाश में छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।