हिंसा और आगजनी के खिलाफ लोहरदगा बंद रहा, इंटरनेट बंद होने से बैंक भी बंद रहे
हिंसा और आगजनी के खिलाफ लोहरदगा बंद रहा, इंटरनेट बंद होने से बैंक भी बंद रहे <Br/> <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

झारखंड।लोहरदगा के हिरही भोक्ता बागीचा रामनवमी शोभायात्रा और मेले में हुई हिंसा,आगजनी की घटना के बाद सोमवार को लोहरदगा शहर समेत पूरा जिला बंद रहा। भरत मिलाप शोभायात्रा और चैती दुर्गा विसर्जन शोभायात्रा समेत सभी तरह के धार्मिक अनुष्ठान के लिए दिए गए आदेश को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। इस आदेश के खिलाफ जिले भर के लोगों ने अपने-अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रखीं।
हालात को देखते हुए एसपी आर रामकुमार, राजधानी रांची से आए आईपीएस अधिकारी सुनील भास्कर, कार्तिक एस, पीयूष पांडेय, डीएसपी जेपीएन चौधरी, रंजीत लकड़ा, दीपक पांडेय, एटीएस इंस्पेक्टर अनिल तिवारी, सीआरपीएफ कमांडेंट मनोज संदवार समेत तमाम आला अधिकारी सड़क पर उतरे।
उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण ने बताया कि जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था को लेकर जिले में इंटरनेट सेवा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने तीन गांव से बढ़ाकर पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी है। बुजुर्ग और नि:शक्त को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को लाठी या अन्य हथियार लेकर चलने, एक स्थान पर पांच लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगा दी है।
जिले में इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण विभिन्न ब्रांचों के 42 बैंक शाखाएं बंद रहीं। इससे 150 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
उपायुक्त ने बताया कि जिले की स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। दूसरी ओर पूरे जिले में बॉक्साइट ढुलाई और यात्री बसें भी काफी कम चल रही हैं। ऑटो भी इक्का-दुक्का चल रही हैं। स्कूल कॉलेज खुले रहे,विद्यार्थियों की संख्या आम दिनों की अपेक्षा कम रही।
ऑनलाइन इंटरव्यू और परीक्षाएं नहीं हुईं। कई इंजीनियर को जॉब के लिए इंटरव्यू देना था। वह भी इससे वंचित रह गये। कुछ लोग भागे-भागे रांची गए। रात में राजधानी एक्सप्रेस में भी भोक्ता बागीचा के पास असामाजिक तत्वों ने पथराव किया था। इसमें एक कोच की खिड़की का शीशा टूट गया था। यात्री बाल-बाल बचे।
हिरही भोक्ता बागीचा गांव में रविवार शाम को हुई घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में बड़ी संख्या में सीआरपीएफ, सैट, झारखंड जगुवार, जैप और जिला बल के अधिकारी और जवान कैंप किए हुए हैं। भोक्ता बागीचा रेलवे हाल्ट में उतरने वाले यात्रियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा फ़्लैग मार्च किया गया है। कई लोग गांव में अपने घरों में ताला लगाकर चले गए हैं। मेला टांड़ में आगजनी और हिंसा के निशान बचे हुए हैं। दोनों पक्षों से करीब एक दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है। पुलिस और प्रशासन हर स्थिति से निबटने को तैयार है। अफवाह फैलानेवालों पर विशेष निगरानी की जा रही है।
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