रांची।झारखंड में सियासी संकट के बीच महागठबंधन के 32 विधायक रविवार शाम रायपुर (छत्तीसगढ़)से राजधानी रांची लौट आए है।सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा के विशेष सत्र में अपनी एकजुटता की ताकत दिखाएंगे।सत्र में बहुमत साबित करने के साथ-साथ हेमंत सरकार ओबीसी आरक्षण बढ़ाने,स्थानीयता नीति लागू करने और जातिगत जनगणना कराने जैसे विषयों पर चर्चा करा सकती है।





छह दिन बाद लौटे विधायक





यूपीए विधायक छह दिनों बाद रायपुर से रविवार को विशेष विमान से राजधानी लौटे है।ये सभी पिछले मंगलवार को रायपुर गए थे। और मेफेयर गोल्ड रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे। रांची एयरपोर्ट से सभी विधायक तीन बसों से सर्किट हाउस गए। सर्किट हाउस से सभी विधायक आज सोमवार विधानसभा पहुंचेंगे। विधानसभा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी ताकत दिखाएंगे।इससे पहले रांची एयरपोर्ट पर मंत्री मिथिलेश ठाकुर और सत्यानंद भोक्ता ने सभी विधायकों का स्वागत किया। सर्किट हाउस में विधायकों के स्वागत में सीएम हेमंत सोरेन मौजूद रहे।सीएम सोरेन ने यहां सभी विधायकों के साथ विशेष सत्र पर मंथन किया और सदन में एकजुटता प्रदर्शित करने का संकल्प लिया गया।





राज्यपाल दिल्ली में फैसले का इंतजार





राज्यपाल रमेश बैस दिल्ली में हैं। माना जा रहा है कि राज्यपाल की दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हो सकती है। बरहाल राज्यपाल के दिल्ली जाने का कारण निजी बताया गया है।सूत्रों के मुताबिक रांची लौटने के बाद ही सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता पर राज्यपाल का फैसला सार्वजनिक होगा।राज्यपाल अब मंगलवार को रांची लौट सकते हैं। राज्यपाल के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं।





हमारे लिए बिछाए जाल में खुद फंसेगा विपक्ष हेमंत





सीएम सोरेन ने कहा कि जो जाल हमारे लिए बुना जा रहा है, उसमें विपक्ष खुद फंसेगा। पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर रविवार को कई संगठनों और पुलिस जवानों की ओर से सीएम आवास पर सीएम का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर सीएम ने सभी को संबोधित किया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में सीएम सोरेन ने कहा कि विपक्ष जो जाल बिछा रहा है,उसे कुतर दिया जाएगा। हमारे लिए बिछाए जाल में विपक्ष खुद फंस जाएगा। विपक्ष के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वह सिर्फ सरकार को ऐन-केन-प्रकारेण हटाने में व्यस्त है।





विश्वास प्रस्ताव का विरोध करेगी भाजपा





भाजपा ने विशेष सत्र को लेकर रविवार को अहम रणनीति बनायी है। भाजपा विधायक दल की बैठक में ये तय किया गया कि भाजपा सदन में विश्वास प्रस्ताव का विरोध करेगी। बैठक के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विश्वास प्रस्ताव के लिए विधानसभा का सत्र बुलाना समझ से परे है। वही पार्टी के मुख्य सचेतक विरंची नारायण ने कहा कि विश्वासमत के नाम पर सरकार के लोग जनता को भ्रम में डाल रहे हैं।