जमशेदपुर।गुड़ाबांदा में 35 वर्षीय लादू हाईबुरू की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है।लादू की हत्या तीन पत्नियों के बीच हुए झगड़े की वजह से हुई थी।पहली पत्नी को लादू प्रताड़ित करता था,जिसका विरोध उसके मायके वाले करते थे।एक बैठक के दौरान उनके बीच झगड़ा हुआ और लादू की पिटाई की गई।पिटाई के बाद लादू को लापता कर दिया गया।पुलिस ने लादू हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।

मृतक का जला दिया गया चेहरा,आरोपियों में नाबालिग भी

लादू हत्याकांड में पुलिस ने गुड़ाबांदा के दुमासाई के सिंगराय सोय उर्फ मंटू सोय और लखन सोय को गिरफ्तार किया है।इनके अलावा दो नाबालिग भी शामिल हैं। उनकी निशानदेही पर शव को छोटा बोतला के दुबला बेड़ा के पास एक कुएं से बरामद किया गया।लादू की हत्या के बाद चेहरा जला दिया गया था,ताकि कोई उसे पहचान न सके।

मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी डॉ. एम तमिल वाणन ने बताया कि गुड़ाबांदा के दुमासाई टोला अंतर्गत माड़ोतोलिया गांव में निवासी लादू हाईबुरू (35) के लापता होने की सूचना मिली थी। इस संदर्भ में गुड़ाबांदा थाने में 25 मार्च को मामला दर्ज किया गया। सूचना के बाद पुलिस ने जब तहकीकात शुरू की तो लादू के घर में जाकर परिजनों से पूछताछ की। यहां पता चला कि 16 मार्च को लादू गोहाल पर्व के दिन गांव के कुछ लोगों के साथ गया था। उसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला, लेकिन लादू की मां ने पुलिस को बताया कि मेला में जाने के बाद उसकी मुलाकात उसकी पहली पत्नी के दो सालों से हुई। उनलोगों ने ही उससे मारपीट की थी।

एस‌एसपी ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने लादू के सालों को पकड़ा और पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हो गया।लादू पर उसकी पहली पत्नी ने मारपीट का आरोप लगाया था। लादू ने तीन महिलाओं से शादी की थी, लेकिन दो से तो उसका व्यवहार ठीक था, लेकिन एक से नहीं था। इसपर जवाब तलब करने के लिए उनके द्वारा बैठक बुलाई गई थी और वहीं उसकी पिटाई कर बैठक से ही उठाकर ले गए और फिर उसकी हत्या कर दी। उद्भेदन में प्रशिक्षु आईपीएस प्रवीण पुष्कर, डीएसपी चंद्रशेखर आजाद, प्रीनन थाना प्रभारी गुड़ाबांदा, विनोद थाना प्रभारी डुमरिया, दारोगा मणिकांत आदि मौजूद थे।