सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चार चरणों का मतदान संपन्न हो चुका है।पांचवे चरण के प्रचार के लिए तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेता पूरे दमखम के साथ जुटे हैं। इस दौरान पार्टियां अपने दिग्गज नेताओं को भी जनसमर्थन के लिए मैदान में उतार रही हैं।इसी कड़ी में महाराष्ट्र में पर्यटन और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे शिवसेना प्रत्याशी राजू श्रीवास्तव के समर्थन में डुमरियागंज स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के प्रांगण में जनसभा को संबोधित किया।यूपी में शिवसेना ने 45 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।आदित्य ने यूपी की जनता से वोट की अपील करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।

सन 1966 में जिस बाल ठाकरे ने मुंबई में एक मजबूत प्रवासी विरोधी एजेंडे के साथ शिवसेना की स्थापना की आज 50 साल बाद उन्हीं प्रवासी लोगों से बाल ठाकरे के पोते आदित्य ठाकरे ने उत्तर प्रदेश पहुंचकर वोट मांगा है।

आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके सारे वादे और सपने सिर्फ सपने बनकर रह गए और वे जुमला बन गए।भाजपा सिर्फ लोगों को डराती है।वे कहते हैं ये खतरे में है, वो खतरों में है, लेकिन कोई भी खतरे में नहीं हो सकता, यह भगवान राम की भूमि है। उन्होंने कहा कि हमें लगा था कि उत्तर प्रदेश में विकास होने वाला है। यह कैसा बहुमत, जैसे कोई राजा को बहुमत दे, वैसा बहुमत भाजपा को उत्तर प्रदेश में मिला, लेकिन जो भी सपने दिखाए गए वह सपने, सपने ही रह गए सपनों का जुमला बन गया। सपने खरे नहीं उतरे।

आदित्य ठाकरे ने लखीमपुर खीरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों की हत्या,उनका हुआ उत्पीड़न और उनके द्वारा दिया गया जख्म आज भी किसानों के दिलों में ताजा है। उन्होंने कोरोना संकटकाल का जिक्र करते हुए कहां की कोरोना कर्फ्यू और लॉकडाउन के समय महाराष्ट्र सरकार ने उत्तर भारतीय श्रमिकों और प्रवासियों की हर स्तर पर मदद की,जबकि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश बिहार के लिए आने वाली ट्रेनों को बंद कर दिया था।सरकार ने उनका टिकट अपने खर्चे से देकर घरों तक पहुंचाने का काम किया था। शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार का प्रदेश के हर नागरिक से दिल का रिश्ता है। उसी के तहत भाईचारे व मानव धर्म को निभाते हुए सरकार काम कर रही है।

आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हुए कहा कि उनके विकास और रोजगार देने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं प्रदेश में रोजगार बढ़ने के बजाय बेरोजगारी बढ़ी है,भाईचारा खत्म हो चुका है,नफरत बढ़ी है।अब जनता बदलाव का मन बना चुकी है। 10 मार्च को परिवर्तन होना तय है।परिवर्तन का प्रतीक उनके डुमरियागंज पार्टी के प्रत्याशी हैं।यूपी को बदलना है,सबको एक साथ और प्यार के साथ लेकर चलने का काम किया जाएगा।

जनसभा को पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संजय राऊत ने संबोधित करते हुए कहा कि हमारा यूपी सिद्धार्थनगर से करीबी रिश्ता है। ईस्ट इंडिया कंपनी 10 मार्च के बाद कहीं नहीं दिखेगी जिसकी शुरुआत डुमरियागंज और उत्तर प्रदेश से हो रही है और 2024 में देश से ईस्ट इंडिया कंपनी का सफाया हो जाएगा।उन्होंने नाम लिए बिना कहा कि किसके अंदर कौन खून दौड़ रहा है। यह हम नहीं कहते सभी के अंदर खून होता है और वह लाल होता है।यह चुनाव डुमरियागंज सिद्धार्थनगर की आजादी की लड़ाई है। यहां से उत्तर प्रदेश के परिवर्तन की शुरुआत होगी 2024 में पूरा यूपी शिवसेना और भगवामय हो जाएगा।

संजय राऊत ने शिवसेना कार्यकर्ताओं व आम जनता में जोश भरते हुए कहा कि हम आपके साथ हैं ना डरना है ना झुकना है। कोल्हापुर के शिवसेना सांसद धर्मशील माने ने कहा कि राम नाम लेना ही नहीं बल्कि उनके सत्य मार्गों पर चलने और रामराज्य लाने की जरूरत है। जनसभा को प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी, अनिल तिवारी, आनंद दुबे, विनोद सिंह ,संदीप , डुमरियागंज प्रत्याशी राजू श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया।संचालन अनिल दुबे ने किया।

आपको बता दें कि सन 1966 में बाल ठाकरे ने मुंबई में एक मजबूत प्रवासी विरोधी एजेंडे के साथ जिस शिवसेना की स्थापना की आज 50 साल बाद उन्हीं प्रवासी लोगों से बाल ठाकरे के पोते आदित्य ठाकरे ने उत्तर प्रदेश पहुंचकर वोट मांगा है।

विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण के में 12 जिलों की 61 विधानसभा सीटों पर 27 फरवरी को मतदान होगा। चुनावी मैदान में 692 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाने उतरे हैं। पांचवें चरण में रामनगरी अयोध्या से लेकर प्रयागराज और चित्रकूट जैसे धार्मिक नगरी में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी संग्राम होना हैं।इस पांचवें चरण में 61 सीटों पर विभिन्न दलों के 48 मौजूदा विधायक चुनावी मैदान में फिर से हैं।

जानें किस विधानसभा सीट पर होगा मतदान

तिलोई, सलोन (सु) जगदीशपुर (सु), गौरीगंज, अमेठी, इसौली, सुल्तानपुर, सदर, लम्भुआ, कादीपुर (सु), चित्रकूट, मानिकपुर, रामपुर खास, बाबागंज (सु), कुण्डा, विश्वनाथगंज, प्रतापगढ़, पट्टी, रानीगंज, सिराथू, मंझनपुर (सु), चायल, फाफामऊ, सोरांव (सु), फूलपुर, प्रतापपुर, हण्डिया, मेजा, करछना, इलाहाबाद पश्चिम, इलाहाबाद उत्तर, इलाहाबाद दक्षिण, बारा (सु), कोरांव (सु), कुर्सी, रामनगर, बाराबंकी, जैदपुर (सु), दरियाबाद, रूदौली, हैदरगढ़ (सु), मिल्कीपुर (सु), बीकापुर, अयोध्या, गोसाईगंज, बलहा (सु), नानपारा, मटेरा, महसी, बहराइच,पयागपुर, कैसरगंज, भिंगा, श्रावस्ती, मेहनौन, गोण्डा, कटरा बाजार, कर्नलगंज, तरबगंज, मनकापुर (सु) और गौरा सीट शामिल है।