मुंबई: डिजिटल दुनिया के खतरों ने अब सेलिब्रिटी परिवारों की दहलीज पर भी दस्तक दे दी है। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार की बेटी नितारा को ऑनलाइन गेमिंग के दौरान अश्लील संदेश भेजने और प्रताड़ित करने वाले आरोपी को महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मुंबई के एक कॉलेज में साइबर जागरूकता सत्र के दौरान इस चौंकाने वाली घटना को साझा किया।
ऑनलाइन गेमिंग के दौरान 'सेक्सटॉर्शन' की कोशिश
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) यशस्वी यादव ने मुंबई के आर.डी. नेशनल कॉलेज में आयोजित एक विशेष सत्र में बताया कि कैसे अक्षय कुमार की बेटी को 'सेक्सटॉर्शन' (Sextortion) का शिकार बनाने की कोशिश की गई थी।
घटना का क्रम:
अक्षय कुमार की बेटी एक ऑनलाइन वीडियो गेम खेल रही थी, जिसमें अनजान लोगों के साथ जुड़ने का विकल्प था।
शुरुआत में आरोपी ने 'रिस्पेक्टफुल' तरीके से बातचीत की और सामान्य सवाल पूछे।
जैसे ही उसे पता चला कि सामने एक लड़की है, उसने मर्यादा पार करते हुए अश्लील फोटो (न्यूड फोटो) की मांग कर दी।
अक्षय कुमार का संदेश: "बच्चों की बहादुरी और जागरूकता जरूरी"
कार्यक्रम के दौरान अक्षय कुमार का एक वीडियो क्लिप भी चलाया गया, जिसमें उन्होंने माता-पिता और बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी। अक्षय ने बताया:
"मेरी बेटी ने घबराकर तुरंत गेम बंद किया और अपनी मां (ट्विंकल खन्ना) को इस बारे में बताया। यह बहुत जरूरी है कि बच्चे अपने माता-पिता से बात करें। अक्सर अपराधी बच्चों को बहकाते हैं और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठते हैं, जिससे कई बार दुखद परिणाम सामने आते हैं।"
महाराष्ट्र साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
अक्षय कुमार द्वारा जानकारी साझा किए जाने के बाद, साइबर विभाग ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को ट्रैक किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। ADG यशस्वी यादव ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नितारा की बहादुरी और परिवार के सहयोग के कारण ही पुलिस इस अपराधी तक पहुँच सकी।
साइबर सुरक्षा के लिए 'अक्षय' सुझाव
अक्षय कुमार ने इस घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार और विशेष रूप से देवेंद्र फडणवीस से यह गुजारिश की है कि:
स्कूली शिक्षा: स्कूलों और कॉलेजों में अनिवार्य रूप से साइबर क्राइम क्लासेस आयोजित की जाएं।
डिजिटल साक्षरता: बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों, जैसे—फिशिंग अटैक, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर बुलिंग के बारे में शिक्षित किया जाए।
खुला संवाद: माता-पिता और बच्चों के बीच ऐसा रिश्ता हो कि बच्चे किसी भी अप्रिय घटना को बिना डरे साझा कर सकें।
निष्कर्ष: यह घटना एक चेतावनी है कि ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अनजान लोगों से बातचीत कितनी खतरनाक हो सकती है। पुलिस की यह कार्रवाई संदेश देती है कि साइबर अपराधी चाहे कितना भी छिपने की कोशिश करें, कानून के हाथ उन तक जरूर पहुँचेंगे।





