चंडीगढ़/मुंबई: वैश्विक स्तर पर अपनी गायकी और अभिनय का लोहा मनवा चुके दिलजीत दोसांझ ने अपनी राजनीतिक पारी को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। हाल ही में पंजाब के कुछ प्रतिष्ठित नागरिक समूहों और पूर्व नौकरशाहों द्वारा उन्हें राजनीति में आने का न्यौता दिया गया था, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलजीत ने साफ किया कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है।

क्या थी पूरी अपील?

यह चर्चा तब शुरू हुई जब एक रिपोर्ट सामने आई जिसका शीर्षक था—'क्या दिलजीत दोसांझ पंजाब की राजनीति का नया चेहरा बन सकते हैं?'। इस रिपोर्ट के अनुसार, रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट एस.एस. बोपाराई के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों और सिविल सोसाइटी के एक्टिविस्ट्स के एक समूह ने दिलजीत से अपील की थी कि वे पंजाब का नेतृत्व संभालें। इस समूह का मानना था कि दिलजीत ने कभी सत्ता की लालसा नहीं दिखाई, इसलिए वे इस भूमिका के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार हैं।

दिलजीत का दो-टूक जवाब

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर पंजाबी में दिलजीत ने इस अपील का जवाब देते हुए लिखा:

"कभी भी नहीं... मेरा काम मनोरंजन करना है। मैं अपने क्षेत्र में बहुत खुश हूं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।"

उनके इस जवाब ने उन फैंस को निराश जरूर किया है जो उन्हें राजनीति के अखाड़े में देखना चाहते थे, लेकिन साथ ही उनके स्पष्ट विजन की सराहना भी हो रही है।

आलोचनाओं पर भी तोड़ी चुप्पी

हाल ही में कनाडा के एडमंटन में अपने 'ऑरा टूर' (Aura Tour) के दौरान दिलजीत ने भारत में हो रही अपनी आलोचनाओं पर भी बात की। उन्होंने दुख जताया कि कैसे कुछ लोग उनके प्रसिद्ध नारों का गलत अर्थ निकालकर उन्हें निशाना बनाते हैं। दिलजीत ने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान केवल अपने संगीत और अभिनय के जरिए लोगों को जोड़ने पर है।

वर्कफ्रंट: आने वाली फ़िल्में

दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर में हैं:

हाल ही में वे मल्टीस्टारर फिल्म 'बॉर्डर 2' में सनी देओल, वरुण धवन और अहान शेट्टी के साथ नजर आए।

उनकी आगामी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' है, जिसका निर्देशन इम्तियाज अली कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शारवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में होंगे।