नई दिल्ली: देश की प्रमुख डिजिटल सर्टिफाइंग अथॉरिटी eMudhra की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक घटना सामने आने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तुरंत हरकत में आ गया है। सरकार ने इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष टीम (Special Team) का गठन किया है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर फैल रहे डर और अफवाहों के बीच मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस सुरक्षा घटना का असर भारतीय वेबसाइटों और ऐप्स पर बहुत सीमित समय के लिए और बेहद कम रहा है। सबसे राहत की बात यह है कि eMudhra की मुख्य सेवाएं—डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) और eSign सेवाएं पूरी तरह से सुरक्षित और अप्रभावित हैं।

क्या है पूरा मामला? (कहां हुई तकनीकी खामी)

इंटरनेट सुरक्षा में जब आप किसी बैंक या आधिकारिक वेबसाइट को खोलते हैं, तो आपका वेब ब्राउजर उसके डिजिटल सर्टिफिकेट की जांच करता है। eMudhra जैसी कंपनियां ऐसे सर्टिफिकेट जारी करती हैं जो यह प्रमाणित करते हैं कि वेबसाइट असली है।

  • प्राइवेट कीज (Private Keys) में खामी: रिपोर्टों के अनुसार, 30 अप्रैल 2025 को eMudhra ने 8 इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट्स से जुड़ी 'प्राइवेट कीज' बनाई थीं। इस प्रक्रिया के दौरान एक तकनीकी गड़बड़ी के चलते कुछ कीज बेहद कमजोर रह गईं, जिन्हें कंप्यूटर और AI की मदद से क्रैक किया जा सकता था।
  • संभावित खतरा: यदि कोई हैकर इन कमजोर कीज का फायदा उठाता, तो वह किसी असली बैंक या सरकारी वेबसाइट के नाम पर फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट बनाकर फर्जी वेबसाइट बना सकता था। इससे यूज़र्स के पासवर्ड और संवेदनशील निजी जानकारी चोरी होने का जोखिम पैदा हो सकता था।
  • रिसर्चर ने दी चेतावनी: इस खामी का पता 'वेन' (Wayne) नाम के एक स्वतंत्र सुरक्षा रिसर्चर ने AI तकनीक की मदद से लगाया। इसके बाद Apple, Google, Microsoft और Mozilla जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को तुरंत अलर्ट किया गया।

eMudhra की कौन सी सर्विस पर हुआ असर?

eMudhra मुख्य रूप से दो प्रकार की डिजिटल सेवाएं प्रदान करती है:

  1. eSign और DSC सेवाएं (सुरक्षित): इन सेवाओं की निगरानी सीधे MeitY के तहत काम करने वाला 'भारतीय प्रमाणन प्राधिकरण' (CCA) करता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और इस घटना का इन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
  2. अंतरराष्ट्रीय SSL/TLS सर्टिफिकेट सेवा (प्रभावित): यह सेवा वेबसाइटों और ब्राउजर के बीच डेटा सुरक्षित करने के लिए डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करती है। इसका ऑडिट अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र संस्थाओं (जैसे BDO इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा किए जाने वाले WebTrust ऑडिट) द्वारा किया जाता है। हालिया घटना इसी अंतरराष्ट्रीय सेवा से जुड़ी है।

सरकार का रुख और CERT-In की एडवाइजरी

मंत्रालय ने कहा है कि मामले को जल्द सुलझाने के लिए सरकार संबंधित सभी पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही है।

  • CERT-In का एक्शन: भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) ने इस मामले में तुरंत एक सुरक्षा एडवाइजरी (Safety Advisory) जारी कर दी है, जिसमें जोखिम को खत्म करने और सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • अफवाहों से बचने की अपील: सरकार ने आम नागरिकों और यूजर्स से सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होते ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

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