मुंबई: बॉलीवुड के 'चीची' यानी गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक है। अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाने वाली सुनीता आहूजा एक बार फिर अपने एक इंटरव्यू को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने गोविंदा के साथ अपने चार दशक लंबे रिश्ते पर ऐसी बात कही है, जिसने फैन्स को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

"एक सुपरस्टार जिसने खुद के लिए कभी नहीं जिया"

इंटरव्यू के दौरान जब सुनीता से उनके और गोविंदा के रिश्ते के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पुरानी बात दोहराते हुए कहा कि उन्हें गोविंदा जैसा बेटा तो चाहिए, लेकिन पति नहीं। इस बार उन्होंने इसके पीछे का दर्द और वजह भी साझा की। सुनीता के अनुसार:

पारिवारिक जिम्मेदारियां: गोविंदा ने अपनी पूरी जिंदगी केवल अपने परिवार और भाई-बहनों की जिम्मेदारियों को निभाने में गुजार दी।

खुद की खुशी की कमी: सुनीता ने बताया कि इतने बड़े सुपरस्टार होने के बावजूद गोविंदा ने कभी अपने लिए वक्त नहीं निकाला। उन्हें बाहर घूमना, डिनर पर जाना और छुट्टियां बिताना पसंद है, लेकिन गोविंदा हमेशा काम और परिवार में ही उलझे रहे।

"अब छोड़ना तो गुनाह है"

सुनीता आहूजा ने अपनी शादी के उतार-चढ़ावों पर खुलकर बात करते हुए कहा कि एक पत्नी के तौर पर उनकी कई इच्छाएं अधूरी रह गईं। उन्होंने मजाकिया लेकिन गंभीर लहजे में कहा:

"अब पछतावा करने का फायदा ही क्या है? छोड़ तो नहीं सकते न अभी? अब 40 साल बीत गए हैं, अब तो (छोड़ने के बारे में) सोचना भी गुनाह है।"

सुनीता का यह बयान दर्शाता है कि भले ही उनके बीच स्वभाव को लेकर मतभेद रहे हों, लेकिन उनके रिश्ते की बुनियाद आज भी बहुत मजबूत है।

गोविंदा और सुनीता: 40 साल का सफर

गोविंदा और सुनीता की प्रेम कहानी और शादी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है:

सीक्रेट मैरिज: दोनों की शादी साल 1987 में हुई थी, जिसे करियर के डर से काफी समय तक छुपा कर रखा गया था।

खुलासा: बेटी टीना के जन्म के बाद दुनिया को उनकी शादी के बारे में पता चला।

रिश्ते की मजबूती: तमाम विवादों और सुनीता के बेबाक बयानों के बावजूद, यह कपल हर मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़ा रहा है।

फैन्स की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर सुनीता के इस बयान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। जहाँ कुछ लोग गोविंदा के अपने परिवार के प्रति समर्पण की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग सुनीता की इस बात से सहमत हैं कि एक जीवनसाथी को अपनी व्यक्तिगत खुशियों के लिए भी समय निकालना चाहिए।

यह पहली बार नहीं है जब सुनीता ने अपनी निजी जिंदगी पर इतनी बेबाकी दिखाई है। उनके और गोविंदा के बीच का यह 'खट्टा-मीठा' रिश्ता ही उन्हें बॉलीवुड का सबसे वास्तविक कपल बनाता है।