मुंबई: इन दिनों सिनेमाघरों में छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को दर्शाती फिल्म 'राजा शिवाजी' अपनी सफलता के झंडे गाड़ रही है। 1 मई को रिलीज हुई इस फिल्म ने न केवल दर्शकों का दिल जीता है, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी ताबड़तोड़ कमाई कर रही है। हालांकि, फिल्म की सफलता के साथ-साथ इसके 100 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें उड़ रही थीं। अब फिल्म के निर्देशक और मुख्य अभिनेता रितेश देशमुख ने इन चर्चाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सच उजागर किया है।
फिल्म की सफलता के आंकड़े
रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी इस फिल्म को रिलीज हुए 8 दिन बीत चुके हैं। फिल्म ने अब तक वैश्विक स्तर पर 65 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर लिया है। मल्टीस्टारर कास्ट (अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, संजय दत्त, फरदीन खान और भाग्यश्री) और सलमान खान के स्पेशल अपीयरेंस ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।
"बजट से क्या लेना-देना?" – रितेश का तीखा सवाल
हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान जब रितेश से फिल्म के 100 करोड़ी बजट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक जवाब दिया। उन्होंने कहा:
"फिल्म के बजट के बारे में केवल निर्माता ही जानते हैं। एक फिल्ममेकर के तौर पर हमें बजट पर सबसे कम बात करनी चाहिए, क्योंकि इससे दर्शकों के अनुभव पर कोई फर्क नहीं पड़ता।"
रितेश ने दर्शकों और मीडिया से अपील की कि फिल्म को बजट के चश्मे से देखना बंद करें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जब कोई मुझसे बजट पूछता है, तो मैं उनसे पूछता हूं कि आप टिकट के लिए कितने पैसे दे रहे हैं? अगर आप 250-300 रुपये दे रहे हैं, तो वही फिल्म का असली बजट है। सिनेमा के जादू को बरकरार रहने दें।"
बचपन की यादों का दिया हवाला
अपने तर्क को पुख्ता करने के लिए रितेश ने अमिताभ बच्चन और फिल्म 'शोले' का उदाहरण दिया। उन्होंने याद दिलाया कि पहले लोग सिनेमा केवल मनोरंजन और कहानी के लिए देखते थे। उन्होंने कहा कि बचपन में फिल्म देखते समय कोई यह नहीं सोचता था कि इसे बनाने में कितने पैसे लगे हैं; फोकस केवल बड़े पर्दे के अनुभव पर होता था।
फिल्म 'राजा शिवाजी' की खास बातें:
रिलीज डेट: 1 मई 2026
वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹65 करोड़ (8 दिनों में)
मुख्य कलाकार: रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, संजय दत्त।
विशेष आकर्षण: सलमान खान का कैमियो।
निष्कर्ष: रितेश देशमुख के इस बयान ने साफ कर दिया है कि एक फिल्म की असली ताकत उसका कंटेंट और कहानी होती है, न कि उसके निर्माण में खर्च किए गए करोड़ों रुपये। दर्शकों को अब केवल 'राजा शिवाजी' के भव्य सिनेमाई अनुभव का आनंद लेना चाहिए।





