मुंबई: भारतीय टेलीविजन और ओटीटी जगत के मंझे हुए कलाकार वरुण बडोला, जो हाल ही में अपनी लोकप्रिय सीरीज 'अनदेखी: द फाइनल चैप्टर' को लेकर चर्चा में हैं, ने अपने जीवन के उन अनछुए पहलुओं को साझा किया है जिन्होंने उन्हें आज एक मजबूत व्यक्तित्व बनाया है। वरुण का मानना है कि सपनों को हकीकत में बदलने के लिए केवल जुनून काफी नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्म-विश्लेषण भी जरूरी है।

'अहसास-ए-कमतरी' ने बनाया बेहतर कलाकार

वरुण ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह हमेशा 'अहसास-ए-कमतरी' (हीन भावना/Inferiority Complex) से ग्रस्त रहते थे। उन्हें हमेशा लगता था कि वह उतने तैयार नहीं हैं जितना उन्हें होना चाहिए।

यही कारण था कि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में पार्टियों और आकर्षणों से दूरी बनाए रखी। वरुण कहते हैं:

"मुझे डर लगता था कि कहीं मैं सिर्फ पार्टी करता रह जाऊं और कोई बड़ा मौका मेरे हाथ से निकल जाए। मुझे लगता था कि अभी मेरे पास पार्टी करने का हक नहीं है।"

पिता का जुनून, मां का अनुशासन

वरुण के पिता एक पत्रकार और कलाकार थे, जिनकी व्यस्त दिनचर्या के कारण उन्होंने उन्हें कभी रात 11 बजे से पहले घर आते नहीं देखा। ऐसे में घर को संभालने और बच्चों को संस्कार देने की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पर थी।

मां से मिली ताकत: वरुण अपनी मानसिक मजबूती और धैर्य का पूरा श्रेय अपनी मां को देते हैं। उन्होंने अपनी मां से ही सीखा कि कब शांत रहना है और कब सीमा लांघने वालों को कड़ा जवाब देना है।

व्यक्तित्व का संतुलन: वरुण कहते हैं कि उनके भीतर की रचनात्मकता पिता की देन है, लेकिन जीवन के प्रति उनकी 'जिद्द' और 'दृढ़ता' मां के संस्कारों का परिणाम है।

"मदर्स डे सिर्फ एक दिन के लिए नहीं"

मदर्स डे पर अपने विचार साझा करते हुए वरुण ने कहा कि मां के प्रति सम्मान और प्यार को किसी एक दिन में नहीं बांधा जा सकता। वह चाहते हैं कि उनकी मां अपनी रिटायर्ड लाइफ को खुलकर जिएं। वह अपनी पत्नी राजेश्वरी सचदेव, बेटे और पूरे परिवार के साथ साल में एक बार लंबी छुट्टी पर जाते हैं, जहाँ पूरा परिवार एकजुट होकर खुशियाँ मनाता है।

निष्कर्ष: वरुण बडोला की यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो चकाचौंध भरी दुनिया में कदम रखना चाहते हैं। उनकी सादगी और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की कला ही उन्हें अन्य कलाकारों से अलग खड़ा करती है।