मुंबई/कान्स: फ्रांस के रिविएरा तट पर 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल की रंगीन महफिल सज चुकी है। जहाँ एक ओर आलिया भट्ट, तारा सुतारिया और उर्वशी रौतेला जैसी अदाकाराएं रेड कार्पेट पर अपना जलवा बिखेर रही हैं, वहीं दुनिया भर की निगाहें बच्चन परिवार की बहू और 'कान्स क्वीन' ऐश्वर्या राय पर टिकी हैं। लेकिन इस ग्लैमरस शोर के बीच, सिनेमा के इतिहास का एक ऐसा पन्ना है जिसे हर भारतीय गर्व से याद करता है—वह मौका जब 'शहंशाह' अमिताभ बच्चन ने विदेशी धरती पर हिंदी की विजय पताका फहराई थी।

सिर्फ एक बार गए, पर बना दिया कीर्तिमान

यह दिलचस्प तथ्य है कि जहाँ ऐश्वर्या राय साल 2002 से (कोविड काल को छोड़कर) हर साल इस फेस्टिवल की शोभा बढ़ाती हैं, वहीं उनके ससुर अमिताभ बच्चन अपने पांच दशक लंबे करियर में महज एक बार, साल 2013 में कान्स पहुंचे थे। वह साल भारतीय सिनेमा के लिए मील का पत्थर था क्योंकि सिनेमा ने अपने 100 गौरवशाली वर्ष पूरे किए थे।

जब डिकैप्रियो के सामने गूँजी 'मातृभाषा'

66वें कान्स फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में अमिताभ बच्चन अपनी पहली हॉलीवुड फिल्म 'द ग्रेट गैट्सबी' के लिए आमंत्रित थे। मंच पर उनके साथ हॉलीवुड सुपरस्टार लियोनार्डो डिकैप्रियो मौजूद थे। जहाँ आमतौर पर अंग्रेजी और फ्रेंच का बोलबाला रहता है, वहां बिग बी ने माइक संभाला और अपनी ओजस्वी हिंदी में संबोधन शुरू किया।

आर्काइवल फुटेज बताते हैं कि जब अमिताभ हिंदी में बोल रहे थे, तब डिकैप्रियो उन्हें मंत्रमुग्ध होकर सुन रहे थे। अमिताभ ने मंच से कहा था:

"देवियो और सज्जनों, भारतीय सिनेमा अपने सफर के सौ वर्ष पूरे कर चुका है। इस भव्य समारोह में मुझे प्रतिनिधि के तौर पर आमंत्रित करना मेरे और मेरे देश के लिए गर्व की बात है।"

"मातृभाषा में बोलना जरूरी था"

समारोह के बाद भावुक अमिताभ ने सोशल मीडिया पर साझा किया था कि इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मातृभाषा में बोलना उनके लिए अनिवार्य था। उन्होंने कहा था कि कान्स के निदेशक और विदेशी कलाकार भी हिंदी की मिठास और भारतीय संगीत के मुरीद नजर आए।

विरासत का सम्मान

प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन के पुत्र होने के नाते, अमिताभ का हिंदी प्रेम जगजाहिर है। चाहे 'कौन बनेगा करोड़पति' की शुद्ध शब्दावली हो या अंतरराष्ट्रीय मंच, बिग बी ने हमेशा साबित किया है कि भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि संस्कृति का गौरव होती है।

79वां कान्स फिल्म फेस्टिवल 23 मई तक चलेगा, जहाँ भारतीय सितारे अपनी चमक बिखेरते रहेंगे, लेकिन 2013 की वह शाम आज भी कान्स के इतिहास में 'स्वर्णिम अक्षरों' में दर्ज है।