मुंबई। बॉलीवुड के सबसे मंझे हुए और नेशनल अवॉर्ड विनर अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘गवर्नर’ को लेकर चर्चा में हैं। लेकिन इस बीच, एक्टर ने अपनी पिछली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर हुए उस भारी विवाद पर चुप्पी तोड़ी है, जो सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। मनोज बाजपेयी ने एक हालिया इंटरव्यू में बेहद भावुक और बेबाक ढंग से बताया कि इस विवाद के दौरान उन्हें और उनके परिवार को किस कदर मानसिक प्रताड़ना, गालियों और धमकियों का सामना करना पड़ा था।
"विवाद होते ही 2 दिन में मांग ली थी माफी"
मनोज बाजपेयी ने बताया कि उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि फिल्म के नाम को लेकर विवाद इस हद तक बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा:
"हमें इसकी उम्मीद नहीं थी। लेकिन जैसे ही यह विवाद सामने आया, हमने दो दिनों के भीतर माफी मांग ली थी। अगर हमसे अनजाने में भी कोई ऐसी गलती होती है जिससे किसी की भावनाएं आहत हों, तो हम उसे सुधारने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। निजी तौर पर मुझे लगता है कि फिल्म का टाइटल बदलना कोई बड़ी बात नहीं है। हम रचनात्मक (Creative) लोग हैं, हमारे पास एक के बजाय 10 दिलचस्प विकल्प होते हैं।"
परिवार को घसीटने वालों पर जताया तरस
विवाद के बाद कोर्ट के आदेश पर फिल्म का नाम तो बदल दिया गया, लेकिन इसके बावजूद मनोज बाजपेयी के प्रति लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया गया और उनके परिवार को भी निशाना बनाया गया।
धमकियों के दौर को याद करते हुए मनोज ने कहा, "जब मुझे धमकियां मिल रही थीं, तब भी मैं बिना किसी डर के यात्रा कर रहा था। लेकिन जब लोग आपको गालियां देते हैं और आपके परिवार को इस तरह के विवादों में घसीटते हैं, तो मुझे उन लोगों की मानसिकता पर सिर्फ हमदर्दी (तरस) आती है।"
सोशल मीडिया ट्रोल्स को करारा जवाब: "कीचड़ में नहीं उतर सकता"
आजकल के डिजिटल माहौल और बिना सोचे-समझे राय बनाने वाले ट्रोल्स पर निशाना साधते हुए मनोज बाजपेयी ने बेहद तीखी और सटीक बात कही। उन्होंने कहा:
"आजकल सोशल मीडिया पर लोग बहुत बेसब्र हो गए हैं। पूरी बात जाने बिना ही वे अपनी राय थोपने के लिए उतावले रहते हैं। मैं एक पढ़ा-लिखा इंसान हूं और हमेशा ज्ञान पाने के लिए उत्सुक रहता हूं। मेरी नीयत कभी किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं होती। मेरे पास इतना वक्त और ऊर्जा नहीं है कि मैं उन लोगों से बहस करूं जो खुद को पूरी तरह एजुकेट किए बिना ही पागल हुए जा रहे हैं। जो लोग आपको कीचड़ में धकेलना चाहते हैं, उनके साथ भला मैं खुद कीचड़ में क्यों उतरूं?"
रिलीज पर अब भी सस्पेंस
भले ही कानूनी प्रक्रियाओं और विवाद के बाद फिल्म का टाइटल बदल दिया गया हो, लेकिन मनोज बाजपेयी की इस फिल्म की रिलीज डेट पर अब भी अनिश्चितता की तलवार लटकी हुई है। हालांकि, तमाम मुश्किलों और भारी ट्रोलिंग के बावजूद, मनोज बाजपेयी बिना विचलित हुए लगातार अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर आगे बढ़ रहे हैं, जिसकी सराहना उनके प्रशंसक भी कर रहे हैं।





