नई दिल्ली। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के अंक तालिका में फिलहाल 5वें स्थान पर मौजूद भारतीय टीम के लिए आगामी टेस्ट सीरीज बेहद निर्णायक होने वाली है। टॉप-2 में जगह बनाकर WTC फाइनल में प्रवेश करने के लिए भारत को अपने अगले 7-8 टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन करना होगा। इनमें सबसे अहम भारत में खेली जाने वाली 5 मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) है। हालांकि, पिछले कुछ समय से घरेलू टर्निंग पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों का स्पिन के खिलाफ संघर्ष टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

इसी कमजोरी को दूर करने के लिए भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को एक अहम सुझाव दिया है।

शुभमन गिल की BCCI को सलाह

द टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, कप्तान गिल चाहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुख्य सीरीज से पहले भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन फ्रेंडली परिस्थितियों में पर्याप्त अभ्यास मिले:

  • ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ टर्निंग पिच: गिल ने सलाह दी है कि भारत की मुख्य टीम के कुछ बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया 'ए' (Australia A) के खिलाफ खेलने का मौका दिया जाए और उन मुकाबलों में थोड़ी टर्न (घूमने) वाली पिचें तैयार की जाएं।
  • तैयारियों को मजबूती: टर्न लेती पिचों पर अभ्यास करने से भारतीय बल्लेबाजों का स्पिन के खिलाफ आत्मविश्वास वापस लौटेगा और वे मुख्य सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार हो सकेंगे।

BCCI का रुख और व्यावहारिक समस्या

BCCI सूत्रों के अनुसार, बोर्ड गिल के सुझाव से सहमत है, लेकिन इसे पूरी तरह लागू करने में एक व्यावहारिक चुनौती आ रही है:

  • पिच की स्थिति: बोर्ड सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि ऑस्ट्रेलिया 'ए' के मैचों में पूरी तरह से रैंक टर्नर (अत्यधिक घूमने वाली) पिच तो नहीं बनाई जा सकती, लेकिन ऐसी पिच जरूर उपलब्ध कराई जाएगी जिस पर मैच आगे बढ़ने के साथ थोड़ा टर्न देखने को मिले।
  • ईरानी ट्रॉफी का टकराव: गिल की सलाह पर अमल करने में सबसे बड़ी बाधा ईरानी ट्रॉफी का शेड्यूल है। यदि टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ खिलाया जाता है, तो 'रेस्ट ऑफ इंडिया' (Rest of India) की टीम बेहद कमजोर हो जाएगी, जिससे देश के इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट के स्तर (Standard) पर असर पड़ सकता है।

फिलहाल BCCI प्रबंधन इस बात पर मंथन कर रहा है कि घरेलू क्रिकेट के संतुलन को बनाए रखते हुए WTC और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारियों को किस तरह सर्वश्रेष्ठ रूप दिया जाए।