दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद हड़कंप मच गया है। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर्स में से लगभग 47.56 लाख (32.8%) वोटर्स के नाम इस ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हैं। यानी करीब हर तीसरे वोटर का नाम फिलहाल पेंडिंग या बाहर है।

हालांकि, चुनाव आयोग के अनुसार इसका मतलब यह नहीं है कि ये सभी नाम स्थायी रूप से काट दिए गए हैं। इन्हें ASDDO (Absentees, Shifted, Dead, Duplicate, Others) कैटेगरी में रखा गया है।

मुख्य आंकड़े और महत्वपूर्ण तारीखें

  • कुल रजिस्टर्ड वोटर्स: 1,45,10,299
  • ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल वोटर्स: 97,53,577 (67.2%)
  • ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर वोटर्स: 47,56,722 (32.8%)
  • दावा और आपत्ति की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026
  • फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन: 4 नवंबर 2026

सबसे ज्यादा वोटर्स प्रभावित होने वाली टॉप-5 सीटें

विधानसभा क्षेत्रड्राफ्ट लिस्ट से बाहर वोटर्स (%)
तुगलकाबाद47.8%
ओखला45.2%
बदरपुर42.6%
महरौली41.0%
पटपड़गंज40.1%

दलित और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की स्थिति

1. मुस्लिम बहुल सीटें:

दिल्ली का औसत प्रतिशत 32.7% है। मुस्लिम बहुल सीटों में ओखला (45.3%) और चांदनी चौक (38.9%) में औसत से ज्यादा वोटर्स बाहर पाए गए हैं। वहीं अन्य सीटों जैसे मटिया महल (34.5%), बल्लीमारान (32.6%), मुस्तफाबाद (28%), बाबरपुर (27%) और सीलमपुर (23.3%) में यह आंकड़ा दिल्ली के औसत से कम रहा है।

2. SC आरक्षित (12) और दलित आबादी वाली सीटें:

आरक्षित सीटों में पटेल नगर (40.8%), करोलबाग (40.4%), अंबेडकर नगर (39.5%), और कोंडली (37.5%) में ड्राफ्ट से बाहर होने वाले वोटर्स की संख्या काफी अधिक है। इसके अलावा 25% से अधिक SC आबादी वाली सीटों में तुगलकाबाद (47.8%) और चांदनी चौक (38.8%) में भी बड़ा हिस्सा बाहर हुआ है।

आगे क्या?
जिन नागरिकों का नाम इस ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। 30 सितंबर तक एन्यूमरेशन फॉर्म और प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ दावा पेश करके 4 नवंबर को आने वाली अंतिम सूची में अपना नाम जुड़वाया जा सकता है।