गोवा:
वैश्विक ऊर्जा संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पैदा हुई ईंधन की किल्लत के बीच भारत एक प्रमुख ग्लोबल रिफाइनिंग हब के रूप में उभर रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को ऐलान किया कि देश की सरकारी रिफाइनिंग कंपनियां एक नई रिफाइनरी के निर्माण और मौजूदा प्लांट्स के विस्तार के जरिए अपनी सालाना डीजल उत्पादन क्षमता में कम से कम 1.5 करोड़ (15 मिलियन) टन की बढ़ोतरी करेंगी।
गोवा में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा:
"हम एक ऐसी सुखद और मजबूत स्थिति में होंगे, जहाँ हम न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करेंगे, बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी डीजल रिफाइन कर सकेंगे।"
वैश्विक संकट के बीच भारत के लिए बना बड़ा अवसर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और रिफाइन प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित हुई है।
- रूस पर प्रतिबंध और निर्यात पर रोक: रिफाइनरियों और बंदरगाहों पर हमलों के चलते रूस ने जुलाई से घरेलू खपत बनाए रखने के लिए डीजल निर्यात रोक दिया, जिससे अमेरिका और यूरोप में ईंधन संकट गहरा गया।
- अमेरिका में रिकॉर्ड कीमतें: किल्लत के चलते अमेरिका में डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुँच गईं। इसके बाद वाशिंगटन और रूसी राष्ट्रपति के बीच बातचीत के जरिए ग्लोबल मार्केट्स में ईंधन आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किए गए।
- भारत की मजबूत स्थिति: 'केप्लर' (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत रूस को पीछे छोड़कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डीजल निर्यातक बन चुका है। 'गोल्डमैन सैक्स ग्रुप' का अनुमान है कि 2027 तक वैश्विक ईंधन आपूर्ति सीमित रहेगी, जिससे भारतीय रिफाइनरीज को बड़ा बाजार और रणनीतिक लाभ मिलेगा।
प्रमुख सरकारी कंपनियों का विस्तार प्लान (कौन कितना बढ़ाएगा उत्पादन)
देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने अपने विस्तार और उत्पादन के नए लक्ष्य तय किए हैं:
- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL):
- चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने बताया कि कंपनी अपनी तीन रिफाइनरीज में विस्तार का काम पूरा करने वाली है।
- कच्चे तेल की प्रोसेसिंग क्षमता 1.7 करोड़ (17 मिलियन) टन बढ़ेगी, जिससे अगले साल से सालाना 90 लाख (9 मिलियन) टन अतिरिक्त डीजल मिलेगा।
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL):
- चेयरमैन विकास कौशल के मुताबिक, राजस्थान में बन रही नई रिफाइनरी (सालाना क्षमता 90 लाख टन) के पूर्ण क्षमता से शुरू होने पर लगभग 40 लाख (4 मिलियन) टन अतिरिक्त डीजल का उत्पादन होगा।
- नुमालीगढ़ रिफाइनरी (NRL / Oil India):
- ऑयल इंडिया लिमिटेड की इस इकाई द्वारा डीजल उत्पादन बढ़ाकर लगभग 30 लाख (3 मिलियन) टन किया जाएगा।
- भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL):
- चेयरमैन संजय खन्ना ने बताया कि कंपनी वर्ष 2028 तक 15 लाख (1.5 मिलियन) टन अतिरिक्त डीजल उत्पादन क्षमता जोड़ेगी।
300 मिलियन टन क्षमता की ओर बढ़ता भारत
तेल मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1): भारतीय रिफाइनरीज ने 59 मिलियन टन ईंधन का उत्पादन किया, जबकि घरेलू खपत 46 मिलियन टन रही।
- भविष्य का लक्ष्य: हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता फिलहाल 267 मिलियन टन सालाना है, जो जल्द ही बढ़कर 300 मिलियन टन और आने वाले कुछ वर्षों में 400 मिलियन टन के आंकड़े को पार कर जाएगी।
एक्स-एनालिस्ट्स (XAnalysts) के फाउंडर और मुख्य तेल विश्लेषक मुकेश सहदेव के अनुसार, भारत का यह विशाल रिफाइनिंग पैमाना वैश्विक पटल पर देश के लिए एक बड़ा रणनीतिक लाभ साबित होगा।
#HardeepSinghPuri #DieselExport #OilAndGas #IOCL #HPCL #BPCL #IndianEconomy #EnergySecurity #RefineryExpansion #GlobalNews





